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Ayodhya: पांच हफ्ते में कैसे बदल गया Ram Temple परिसर का स्वरूप, देखिए Satellite Photos

16 दिसंबर 2023 को अयोध्या का राम मंदिर अधूरा दिख रहा था. लेकिन सिर्फ पांच हफ्तों में यानी 21 जनवरी 2024 तक प्राण प्रतिष्ठा के लिए जिस तरह से मंदिर परिसर तैयार हुआ वह देखने लायक था. यह साइंटिफिक तरीके से हो रहे निर्माण, श्रमवीरों की मेहनत, सही दिशा में किए जा रहे काम का नतीजा है. देखिए सैटेलाइट तस्वीरों में बदलाव...

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बाएं से दाएं... पहली तस्वीर 16 दिसंबर 2023 की इसरो के सैटेलाइट से ली गई है. दूसरी प्लैनेट लैब्स की तस्वीर है, जो 22 जनवरी 2024 को ली गई है.
बाएं से दाएं... पहली तस्वीर 16 दिसंबर 2023 की इसरो के सैटेलाइट से ली गई है. दूसरी प्लैनेट लैब्स की तस्वीर है, जो 22 जनवरी 2024 को ली गई है.

ISRO ने 16 दिसंबर 2023 को अयोध्या और राम मंदिर की सैटेलाइट तस्वीर ली. जिसे देख कर यह लग सकता है कि प्राण प्रतिष्ठा तक ये काम कैसे पूरा हुआ होगा. मंदिर के कई जरूरी हिस्से बनने बाकी थे. लेकिन पांच हफ्तों बाद जब प्राण प्रतिष्ठा हुई तब मंदिर का अलौकिक रूप देखने लायक था. 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब प्राण प्रतिष्ठा की पूजा कर रहे थे. तब लाखों-करोड़ों लोगों ने दुनिया भर से उन्हें लाइव देखा. 22 जनवरी 2024 को हुए इस कार्यक्रम में रामजन्मभूमि मंदिर का विशाल और सुंदर परिसर दिख रहा था. 22 जनवरी से 36 दिन पीछे तक दो सैटेलाइट्स इसके निर्माणकार्य पर नजर रख रही थीं. 
 
Ayodhya Ram Temple Pran Partistha

मैक्सार टेक्नोलॉजी का वर्ल्डव्यू-1 और प्लैनेट लैब्स पीबीसी का स्काईसैट सैटेलाइट इस पर नजर रख रहा था. इन दोनों की तस्वीरें बताती हैं कि कैसे सैकड़ों इंजीनियरों और श्रमवीरों ने निर्माण कार्य को युद्धस्तर पर पूरा किया. जबकि उनके ऊपर डेडलाइन का दबाव था. 

अगर 16 दिसंबर 2023 और 22 जनवरी 2024 की तस्वीर देखेंगे तो आपको काफी ज्यादा अंतर दिखेगा. पांच में से तीन मंडप तैयार हो गए थे. शिखर तैयार हो रहा है. मुख्य द्वार बन चुका था. ये सभी सिर्फ प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए 36 दिन के अंदर पूरे किए गए. इसके बार पीएम मोदी ने भगवान राम के विग्रह में प्राण प्रतिष्ठा कराई.  

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Ayodhya Ram Temple Pran Partistha

आप देख सकते हैं. कुडू मंडप (मध्य का शिवाला), प्रार्थना मंडप (मध्य में बाईं तरफ का शिवाला) और शिखर पहले नहीं थे. ये तस्वीरें ISRO ने कार्टोसैट सैटेलाइट के जरिए 16 दिसंबर 2023 को ली थीं. इसके अलावा नृत्य मंडप (मुख्य मंदिर का दूसरा सबसे ऊंचा ढांचा) भी आंशिक रूप से ही बना था. पूरी तरह से बन नहीं पाया था. 

Ayodhya Ram Temple Pran Partistha

प्राण प्रतिष्ठा के दिन तक सभी शिवाले, शिखर, पूर्वी द्वार पर उलटे वी आकार के का ढांचा, जिसे सिंह द्वार कहते हैं, वह पूरा हो चुका था. यहीं से 8000 गेस्ट लाए गए थे. 

इस तस्वीर में दिखाया गया है कि कैसे परिसर के अंदर लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई थी. पूरे परिसर में फूलों की सजावट की गई थी. अस्थाई बैरिकेडिंग करके कैसे समारोह स्थल को बनाया गया था. जो कि निर्माण क्षेत्र से अलग था. ये सैटेलाइट तस्वीरें ये बताती हैं कि कैसे श्रमवीरों ने कड़ी मेहनत, कॉर्डिनेशन और धैर्य के साथ इस निर्माण को पूरा किया है. फिलहाल मंदिर की पहली मंजिल की लोगों के लिए खोली गई है. बाकी की दो मंजिलों का निर्माण इस साल के अंत तक हो जाएगा. 

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