scorecardresearch
 

पहली बार सामने आई शनि के छल्लों की शानदार तस्वीर, जेम्स वेब का कमाल

शनि ग्रह के छल्लों की इतनी शानदार तस्वीर आज तक सामने नहीं आई है. पहली बार ऐसी तस्वीर नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप ने ली है. शनि की इस तस्वीर में शनि के तीन चंद्रमा भी दिख रहे हैं. साथ ही छल्लों में अंतर भी दिखाई दे रहा है. इससे पहले जेम्स वेब ने तीन और ग्रहों की शानदार तस्वीर ली थी.

Advertisement
X
इससे पहले शनि ग्रह के छल्लों की ऐसी तस्वीर देखने को नहीं मिली थी. (सभी तस्वीरेंः NASA)
इससे पहले शनि ग्रह के छल्लों की ऐसी तस्वीर देखने को नहीं मिली थी. (सभी तस्वीरेंः NASA)

नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने शनि ग्रह की तस्वीर ली है. पहली बार शनि ग्रह के छल्लों की इतनी शानदार तस्वीर सामने आई है. जेम्स वेब ने यह फोटो 25 जून 2023 को ली थी. तस्वीर को नीयर इंफ्रारेड कैमरा (NIRCam) से लिया गया है. तस्वीर में काफी अंधेरा है. सिर्फ छल्ले और शनि के तीन चंद्रमा चमकते हुए दिख रहे हैं. 

Advertisement

इस अंधेरे की वजह मीथेन गैस बताई जा रही है, जो वायुमंडल पर पड़ने वाली सूर्य की रोशनी को सोख लेती है. वहीं छल्ले बर्फीले हैं. इसलिए सूरज की रोशनी वहां से रिफलेक्ट होती है. इनकी वजह से तेज कंट्रास्ट बनता है. शनि इस नई तस्वीर में एक चमकते तारे जैसा दिख रहा है. शनि के 145 चंद्रमाओं में से 3 चांद दिख रहे हैं. ये हैं- एनसेलडस, डायोन और टेथिस.

Saturn Rings and Moons

ग्रह के उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों के बीच अंतर दिखाई दे रहा है. ग्रह के उत्तरी गोलार्ध में गर्मियों का सीजन चल रहा है. वहीं, दक्षिणी में सर्दियां खत्म होने वाली हैं. नासा के अनुसार, उत्तरी ध्रुव मौसमी बदलाव के कारण अंधेरे में है. उत्तर की दिशा में यह एयरोसोल को प्रभावित करता है. इससे पहले JWST ने बृहस्पति, नेपच्यून और यूरेनस ग्रहों की भी शानदार तस्वीरें जारी की थीं. 

Advertisement

ग्रह के छल्ले अलग प्रकार के चट्टानी और बर्फीले टुकड़ों से बने होते हैं, जिनमें रेत के दानों के आकार से लेकर हमारे पहाड़ों जितने बड़े टुकड़े होते हैं. हाल ही में, वैज्ञानिकों ने एनसेलडस को देखने के लिए जेम्स वेब का इस्तेमाल किया और चंद्रमा की सतह से पानी का एक बड़ा गुबार खोजा था.

वैज्ञानिकों का मानना है कि शनि के उपग्रह एन्सेलडस को पानी का महासागर माना जाता है. JWST को कुछ खास ढंग से डिज़ाइन किया गया है. ताकि ब्रह्मांड के कुछ सितारों और आकाशगंगाओं को देखना आसान हो. लेकिन शनि की इस ये तस्वीरों से पता लगता है कि हम JWST कि मदद से बहुत करीब से वस्तुओं को देखा जा सकता है.  

भारत के साथ मिलकर ये बड़ा काम करेगा अमेरिका!

Advertisement
Advertisement