Shraddha Walker Murder Case में अब पुलिस फोरेंसिक साइंस की मदद ले रही हैं. शरीर के टुकड़े जमा करके उनका बायोलॉजिकल जांच कर रही है. इनके आधार पर केस को किसी न किसी हद तक सुलझा लिया जाएगा. लेकिन केस पूरी तरह से आफताब के खिलाफ बनेगा या नहीं ये तो वक्त बताएगा. क्योंकि आफताब ने अपने बचने के लिए बुलेटप्रूफ प्लानिंग की थी. लेकिन हम आपको बताते हैं दुनिया के 10 ऐसे बड़े क्राइम केस, जिनका खुलासा Forensic Science की वजह से हुआ.
क्रिस्टल बेस्लानोविच की हत्या (1995): क्रिस्टल बेस्लानोविच की हत्या साल 1995 में हुई थी. लेकिन इसका खुलासा 18 साल बाद हुआ. वारदात अमेरिका के उटाह की थी. पुलिस जांचकर्ता टॉड बोनर इस मामले को यूं ही जाने नहीं देना चाहते थे. इसलिए उन्होंने फोरेंसिक साइंस की मदद ली. बेस्लानोविच 17 साल की थी, जब उसके सिर को किसी भारी चीज से कुचल कर मार दिया गया था. शव प्रोवो नदी के पास मिला. कई बार कई तरीके से जांच हुई लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला. साल 2013 में टॉड बोनर को थोड़ी उम्मीद जगी. जब उन्होंने उस ग्रेनाइट पत्थर से टच डीएनए निकलवाया, जिससे क्रिस्टल का सिर कुचला गया था. फोरेंसिक वैक्यूम तकनीक से यह डीएनए हासिल हुआ. यह डीएनए रिजॉर्ट के बस ड्राइवर जोसेफ माइकल सिम्प्सन से मैच कर गया. जोसेफ पकड़ा गया, अब जेल में बंद है.
शेरी मिलर और पैम जैक्सन का लापता होना (1971): एक सतर्क मछुआरे की वजह से मामला सुलझा था. बात है 1960 है की जब 17 वर्षीय शेरी मिलर और पैम जैक्सन लापता हो गई. दोनों एक पार्टी मनाकर ग्रामीण सड़कों से होते हुए स्टुडेबेकर लार्क लौट रही थीं. तभी उनकी कार एक पानी से भरे गड्ढे में गिर गई. डूब गई. बात है 2013 की जब एक मछुआरे ने ब्रुएल क्रीक में एक कार सिर के बल उलटा पानी में डूबा हुआ देखा. उसी दिन कार बाहर निकाली गई. उसके अंदर दो लड़कियों के कंकाल मिले. कार के चेसिस नंबर, नंबर प्लेट और शवों की फोरेंसिक जांच कराई गई. तब जाकर इस मामले का खुलासा हुआ. इस केस के खुलासे के लिए पुलिस 1971 तक खोजबीन की थी.
पामेला शेली की मौत (2001): पामेला शेली 2001 में अस्पताल जा रही थी, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई. उसके सिर पर गोली मारी गई थी. वो टेक्सास स्थित अपने बॉयफ्रैंड रॉनी जो हेंड्रिक के घर जा रही थी. इससे पहले ही वह अपने पति से अलग हुई थी. वह अपने दो बच्चों के साथ अरकंसास से टेक्सास शिफ्ट हुई थी. शुरुआत में पुलिस ने उसकी मौत को खुदकुशी बताया. लेकिन यह केस सात साल फिर खोला गया. इसकी जांच कर रहे थे कार्ल बोवेन. ये वही व्यक्ति थे जिन्होंने सड़क पर पेट्रोलिंग के समय पामेला के शव को सबसे पहले देखा था. बोवेन को लगता था कि यह मर्डर है, खुदकुशी नहीं. फोरेंसिक साइंस की मदद से यह पता चला कि जिस एंगल से सिर पर गोली मारी गई थी, वह पामेला के लिए आसान नहीं था. बोवेन ने रॉनी जो हेंड्रिक के खिलाफ कई सबूत जमा कर लिए थे. कोर्ट ने उसे आरोपी मान लिया. कोर्ट ने हेंड्रिक को हत्या के जुर्म में 22 साल की सजा सुनाई.
रान्या रिसॉन की हत्या (1993): रान्या रिसॉन 1993 में 16 साल की उम्र में लापता हो गई. उसका शव एक महीने बाद एक मछुआरे को इंडियाना तालाब में मिला. यह मामला America's Most Wanted प्रोग्राम में टीवी पर भी आया था. यह मामला दो दशकों तक खुल नहीं पाया. 2013 अगस्त में रान्या के पूर्व बॉयफ्रैंड जेसन टिब्स को आरोपी बनाया. कहा गया कि झगड़े के बाद इसने गला घोटकर रान्या को मार डाला. लेकिन जुलाई में कोर्ट में जेसन के पुराने दोस्त एरिक फ्रीमैन ने कहा कि उसने जेसन को रान्या का गला दबाते देखा था. उसने रान्या के शव को ठिकाने लगाने में जेसन की मदद की थी. अभी तक यह केस सॉल्व नहीं हुआ है. लेकिन फोरेंसिक जांच की वजह से इस मामले में आरोपी जेसन टिब्स ही साबित हो रहा है.
सारा लिन वाइनस्की का कत्ल (2005): जब किसी बेघर इंसान की हत्या होती है, तो पुलिस उसकी जांच में बहुत इंट्रेस्ट नहीं दिखाती. फ्लोरिडा के सेंट पीटर्सबर्ग में स्थित रोनैल्ड मैक्डोनल्ड हाउस के बाहर सारा लिन वाइनस्की की गला घोंटकर हत्या की गई थी. उससे पहले उसका रेप किया गया था. लोग कहते हैं कि उन्होंने 21 मई 2005 की रात करीब 11 बजे किसी महिला के चीखने की आवाज सुनी थी. लेकिन उसका शव अगली दोपहर तक नहीं मिला था. क्राइम सीन से डीएनए सबूत जुटाए गए. लेकिन जांच होते होते कई साल बीत गए. डीएनए जांच से पता चला कि हत्या रेमंड सैमुएल्स ने की थी. उसने सारा का अपहरण किया, रेप किया और उसके बाद हत्या कर दी. रेमंड भी एक बेघर था.
मारिया रिडल्फ का कत्ल (1957): इस सनसनीखेज हत्या का खुलासा 55 साल बाद हुआ. मामला इलिनॉय के सिकामोर का है, जब 7 वर्षीय मारिया रिडल्फ की हत्या हुई. उसे गला घोंटकर और धारदार हथियार से घोपकर मारा गया था. हत्या के बाद 72 वर्षीय सिक्योरिटी गार्ड जैक मैक्कुलोघ को गिरफ्तार किया गया था. लेकिन उस समय कोई फोरेंसिक सबूत नहीं थे. लेकिन 1994 में इस मामले का खुलासा तब हुआ जैक की मां ने मरने से पहले यह कबूला कि हत्या उसके बेटे ने ही की थी. यह सूचना पुलिस को जैक मैक्कुलोघ के सौतेली बहन ने बताई थी. जैक तो हत्या में शामिल 100 संदिग्धों में से एक था. उसके बयान से वह बच भी जाता लेकिन उसकी मां और बहन के बयान ने उसे आरोपी बनाया. इसके बाद फोरेंसिक जांच भी की गई, तब जैक के खिलाफ सारे पुख्ता सबूत जमा किए गए.
पैट्रीशिया बर्ड का मर्डर (1981): जगह डेनवर. हत्या की जगह पैट्रीशिया बर्ड का स्टूडियो अपार्टमेंट. गला घोंटकर मारा गया. मामला 1981 का, सुलझाया गया 2013 में. पैट्रीशिया बर्ड मानसिक रूप से बीमार थी. उसका हालचाल न कोई घर का सदस्य लेता था. न ही उसके कोई दोस्त. उसका शव अर्धनग्न स्थिति में बिस्तर पर पड़ा मिला था. मौत के समय उम्र 32 साल थी. डीएनए सबूतों को साल 2011 में जुटाया गया. पोस्ट मॉर्टम क्राइम सीन किट की मदद से. वहां 53 वर्षीय हेक्टर बेनकोमो हिनोजोस के डीएनए सैंपल मिले. हेक्टर ने कहा कि वह पैट्रीशिया को नहीं जानता. लेकिन सबूत बता रहे थे कि दोनों के बीच मौत से कुछ घंटे पहले शारीरिक संबंध बने थे. हेक्टर की पत्नी ने भी पुलिस को बताया कि उसका पति हिंसक इंसान है. इसके बाद हेक्टर पर फर्स्ट डिग्री मर्डर का चार्ज लगा.
एना पाल्मर की हत्या (1998): 1998 में एना पाल्मर की हत्या हुई. डीएनए सबूतों के आधार पर 10 साल बाद केस का खुलासा हुआ. 10 वर्षीय एना की हत्या साल्ट लेक सिटी स्थित उसके घर के सामने की गई थी. अपराध बेहद जघन्य था. उसके शरीर पर धारदार हथियार से हमला करने के कई निशान थे. लेकिन पुलिस के पास पुख्ता सबूत, गवाह या संदिग्ध नहीं थे. साल 2009 में पुलिस टीम ने फोरेंसिक एनालिस्ट को मदद के लिए बुलाया. एनालिस्ट ने एना के नाखूनों से डीएनए सैंपल जमा किए. ये डीएनए मैथ्यू ब्रोक नाम के शख्स से मिल गए. हत्या के समय यह इंसान 19 साल का था. एना के घर से कुछ ही दूर रहता था. मैथ्यू ब्रोक पहले से 10 साल की सजा काट रहा था. पेरोल पर बाहर था. तब उसने एना की हत्या की. उसके बाद इसकी सजा बढ़ाकर उम्र कैद कर दी गई.
रॉय मैक्क्लैब की गोली मारकर हत्या (1985): रॉय मैक्क्लैब को 1985 में गोली मारी गई थी. तब उसकी उम्र 51 साल थी. घटना ह्यूस्टन की है. हत्या करने वाली उसकी पत्नी कैरोलिन सू क्रिजान विल्सन थी. तब कैरोलिन की उम्र 42 साल थी. उसने जुर्म कबूला. लेकिन इससे पहले कैरोलिन ने पुलिस से कहा था कि कोई शख्स उनके घर में घुसकर पहले पति को गोली मारी. फिर उसे गोली मारी. उसके साथ रेप किया और भाग गया. साल 2008 में कोर्ट ने कैरोलिन को छोड़ दिया था. पीड़ित रॉय मैक्क्लैब कैरोलिन का सातवां पति था. रॉय की बेटी को लगता था कि उसकी मां ने उसके पिता की हत्या की है. ताकि इंश्योरेंस का फायदा उठा सके. लेकिन दोबारा फोरेंसिक जांच हुई. कैरोलिन का जुर्म पुख्ता हुआ. उसे साढ़े दस साल की सजा सुनाई गई.
तीन प्रॉस्टीट्यूट की हत्या (1990): वॉशिंगटन के स्पोकाने में तीन प्रॉस्टीट्यूट की हत्या 1990 में हुई. तीनों 26, 34 और 38 साल की थीं. तीनों को .22 कैलिबर की हैंडगन से गोली मारी गई थी. पुलिस ने इन हत्याओं के लिए 60 वर्षीय डोना पेरी को गिरफ्तार किया था. हत्या 26 वर्षीय योलांडा सैप, 34 वर्षीय निकी लोवे और 38 वर्षीय कैथलीन ब्रिसबोइस की हुई थी. इन तीनों का आपस में कोई संबंध नहीं निकला. डोना पेरी पहले डगलस पेरी था. यानी पुरुष था. लेकिन उसने 1990 में अपना सेक्स चेंज कराया था. साल 2012 में वह कई अपराधों में गिरफ्तार किया गया था. इन महिलाओं की हत्या का केस 2005 में वापस खोला गया. डीएनए सबूतों के आधार पर 2009 में आखिरी सुनवाई हुई. सारे सबूत डोना अक्का डगलस पेरी के खिलाफ थे. डोना पेरी अब टेक्सास के जेल में बंद है.