पिछले साल प्रकाशित एक शोध के लिए अमेरिकी नौसेना ने अपनी उन डॉल्फ़िन्स (Dolphins) पर कैमरे लगा दिए, जिन्हें पानी के नीचे माइंस को पहचानने और अमेरिका के कुछ परमाणु भंडारों की रक्षा करने में मदद करने के लिए ट्रेनिंग दी जाती है. इसके बाद उन्हें सैन डिएगो बे में शिकार करने के लिए खुला छोड़ दिया. इन समझदार डॉल्फिंस ने निराश नहीं किया, ये वो नज़ारे लेकर आईं, जो अभी तक किसी ने देखे नहीं थे. खासकर ज़हरीले सांप का पीछा करना.
यूं तो डॉल्फिन बहुत ही लोकप्रिय और सामाजिक प्राणी हैं, लेकिन फिर भी ऐसी बहुत सी बुनियादी चीजें हैं जो हम अभी तक इनके बारे में सही से नहीं जानते, जैसे कि वे आम तौर पर कैसे खाती हैं. शोधकर्ताओं को मोटे तौर पर इनके खाने से जुड़े दो ही तरीके पता हैं. लेकिन फुटेज से उन्हें और भी बहुत कुछ पता चला.
यूएस नेशनल मरीन मैमल फाउंडेशन (NMMF) से छह बॉटलनोज़ डॉल्फ़िन(bottlenose dolphins) पर कैमरे लगाए थे. कैमरों ने छह महीने तक के फुटेज और ऑडियो रिकॉर्ड किए, जिससे इन स्तनधारियों के शिकार करने की रणनीतियां और संचार के तरीके समझने में काफी मदद मिली.
कैमरे उनकी पीठ और किनारों पर लगाए गए थे, जिससे उनकी आंखों और मुंह अजीब एंगल से दिख रहे थे. ये डॉल्फ़िन जंगली नहीं हैं, इसलिए उन्हें खुले समुद्र में शिकार करने की पूरी छूट दी गई थी. वे अपना पसंदीदा शिकार कर सकती थीं.
PLOS ONE में प्रकाशित शोध में कहा गया था कि डॉल्फ़िन जैसे ही शिकार करती थीं, वे लगातार करीब 20 से 50 मिलीसेकंड के अंतराल पर क्लिक करते थे. इन डॉल्फ़िन ने बास, क्रोकर्स, हलिबूट, स्मेल्ट और पाइपफ़िश समेत 200 से ज़्यादा मछलियों का शिकार किया. शिकारियों से बचने के लिए स्मेल्ट अक्सर खुद को हवा में उड़ा लेते हैं. लेकिन डॉल्फ़िन ने हर चाल पर नज़र रखी, शिकार को अपनी तीखी नजरों से एक पल के लिए भी ओझल नहीं होने दिया.
शोधकर्ताओं का कहना है कि ये डॉल्फ़िन शिकार खोजने के लिए विज़न और साउंड दोनों का इस्तेमाल करती दिखाई दीं. शिकार दूर होने पर डॉल्फ़िन ने मछली खोजने के लिए हमेशा इकोलोकेशन का इस्तेमाल किया, जबकि नज़दीक होने पर विज़न और इकोलोकेशन दोनों का. कैमरों ने जानवरों के दिल की आवाज़ भी रिकॉर्ड की क्योंकि वे इन गतिविधियों को बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे थे.
डॉल्फ़िन ज्यादातर मछलियों को अपने खुले मुंह के किनारों से पकड़ती हैं. डॉल्फ़िन को पहले भी सांपों से पंगे लेते देखा गया है. इस फुटेज ने पहली बार इस बात की पुष्टि की है कि वे सापों को भी खा सकती हैं. एक डॉल्फ़िन ने 8 बेहद ज़हरीले पीले समुद्री सांपों (हाइड्रोफ़िस प्लैटुरस) को खाया था. शोधकर्ताओं का कहना था कि इन डॉल्फ़िन में छोटे सांपों को खाने के बाद किसी तरह की कोई परेशानी नहीं दिखी गई.
NMMF की एथोलॉजिस्ट ब्रिटनी जोन्स का कहना है कि प्रजातियों के व्यवहार, शरीर रचना, स्वास्थ्य, सोनार और संचार को बेहतर ढंग से समझने के लिए नेवी डॉल्फ़िन के साथ काम करने का उनका रचनात्मक दृष्टिकोण भविष्य के वैज्ञानिकों को पीढ़ियों तक शिक्षित और प्रेरित करता रहेगा.
The US Navy Put Cameras on Dolphins And The Footage Is Revealing https://t.co/Z6jeEj0bnU
— ScienceAlert (@ScienceAlert) April 14, 2023
एनएमएमएफ ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि नेवी की ट्रेन्ड डॉल्फ़िन करीब रोज़ाना खुले पानी में काम करती हैं. वे चाहें तो तैर कर दूर जा सकती हैं, और पिछले कुछ सालों में कुछ ही बाहर गई हैं, वरना लगभग सभी यहीं रहती हैं.