बर्फ के अंडे (Ice Eggs). आपने पहले यह शब्द सुना भी नहीं होगा. लेकिन हम आपको दिखा रहे हैं. बर्फ के अंडों को बर्फ की गेंद (Ice Balls) भी कहते हैं. इनका बनना अत्यधिक दुर्लभ प्राकृतिक प्रक्रिया है. जबतक एकदम परफेक्ट मौसम नहीं मिलता, बर्फ के ये अंडे नहीं बनते.
आमतौर पर बर्फ के अंडे दुनिया में बेहद ठंडी जगहों पर खास मौकों पर ही देखने को मिलते हैं. जैसे एस्तोनिया और साइबेरिया. यहां पर जब तापमान माइनस 15 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंचता है, तब इन अंडों का निर्माण होता है. लेकिन अंडे ऐसे ही नहीं बनते.
बर्फ के अंडे समुद्र में जमा पतली बर्फ की परत से बनते हैं. तेज हवा और लहरों से बर्फ टूटती है. तापमान कम होने की वजह से ये एक दूसरे चिपकते चले जाते हैं. लहरों के साथ आगे रोल करते हुए बढ़ते रहते हैं. सही तापमान और ठंडी हवा की वजह से जमती हुई बर्फ को चिपकाते रहते हैं.
An ocean full of ice eggs pic.twitter.com/FqkITF2XeK
— Science girl (@gunsnrosesgirl3) January 30, 2023
फिर ऐसे गोले किनारे पर आकर जमा होते जाते हैं. कई बार ये बड़े बोल्डर के आकार के बन जाते हैं. इनका गोलाकार बनना ही सबसे दुर्लभ प्रक्रिया मानी जाती है. साल 2016 में साइबेरिया के तटों पर ऐसे बर्फ के बड़े-बड़े अंडे देखे गए थे. इनमें से कई तो 3 फीट तक चौड़े थे. सोचिए उनका वजन कितना रहा होगा.
फिनलैंड के वैज्ञानिकों का कहना है कि बर्फ के अंडों का बनना दुर्लभ जरूर है लेकिन यह प्रक्रिया कुछ सालों के अंतराल पर दुनिया में कहीं न कहीं देखने को मिल जाती है. आमतौर पर हर साल फिनलैंड के समुद्री किनारों पर ठंडी के मौसम में देखने को मिलती है. इसके अलावा अमेरिकन ग्रेट लेक्स में भी बर्फ के अंडे बनते हैं.
बर्फ के अंडों के कई रूप होते हैं. जैसे यूकीमारीमो (Yukimarimo). ये पतली बर्फ की परत के रोल होने से बनता है. खासतौर से ध्रुवीय इलाके में इलेक्ट्रोस्टेटिक आकर्षण की वजह से. इसके बाद आता है स्नो रोलर (Snow Roller), प्राकृतिक तौर से बनने वाले बर्फ के गोले जो पहाड़ों पर बनते हैं. वह भी तब जब बर्फ ऊपर से गिरते हुए नीचे आती है. तीसरे होते हैं स्नोबॉल (Snowball) बर्फ से बनाया गया आर्टिफिशियल गोला. इसे इंसान अपने हाथ से बनाता है.