पहली बात तो ये जान लीजिए कि रेगिस्तान सिर्फ रेत वाले इलाके को नहीं कहते. यह किसी भी रूप में हो सकता है. यानी रेत से लेकर बर्फ तक. वैसे रेगिस्तान की परिभाषा ये है कि जहां पर साल भर में 25 सेंटीमीटर यानी 9.8 इंच से कम बारिश होती है, वह इलाका रेगिस्तान की श्रेणी में गिना जाता है. ये बात हम नहीं कह रहे हैं, वैज्ञानिक कहते हैं. फ्रांस स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ ग्रेनोबल में अंटार्कटिक के मौसम विज्ञानी और क्लाइमेटोलॉजिस्ट जोनाथन विली भी इस परिभाषा से इत्तेफाक रखते हैं.
जोनाथन कहते हैं कि धरती का सबसे बड़ा गर्म रेगिस्तान (World's Largest Hot Desert) सहारा (Sahara) है. जबकि सबसे बड़ा ठंडा रेगिस्तान (World's Largest Cold Desert) अंटार्कटिका (Antarctica) है. इन दोनों ही जगहों पर साल भर में औसतन 9.8 इंच से कम बारिश होती है. लेकिन दुनिया का सबसे बड़ा रेगिस्तान (World's Largest Desert) सहारा नहीं है. वह अंटार्कटिका है. इसके कुछ इलाकों में तो 1.40 करोड़ वर्षों से बारिश की एक बूंद तक नहीं गिरी है.
जोनाथन विली ने बताया कि अंटार्कटिका मैक्मुर्डो ड्राई वैली (McMurdo Dry Valley) ऐसा ही एक इलाका है. जहां करोड़ों वर्षों से बारिश नहीं हुई है. यहां पर तापमान माइनस के नीचे रहता है. आसपास के पहाड़ बादलों को रोक लेते हैं. तेज बहने वाली हवाएं नमी को सोख लेती हैं. इस वैली में बर्फीली झीलें हैं, जो करोड़ों सालों से जमी हुई हैं. यह इलाका पूरी तरह से वीरान नहीं है. यहां पर माइक्रोब्स, मोसेस और लाइकेन्स पाए जाते हैं, जो इस ठंड को बर्दाश्त कर लेते हैं.
पिछले साल जेजीआर एटमॉस्फेयर्स जर्नल में जोनाथन की एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी. जिसमें उन्होंने कहा था कि अंटार्कटिका में बारिश और उसे रेगिस्तान के तौर पर साइंटिस्ट कम देखते हैं. सिर्फ छोटे जीव ही यहां नहीं रहते. यहां पेंग्विंस, पेट्रेल्स, सी लॉयन्स, सील्स जैसे जीव भी रहते हैं. जो इसी रेगिस्तान में खाते-पीते और जिंदगी बिताते हैं. अंटार्कटिका 1.42 करोड़ वर्ग किलोमीटर में फैला है. जबकि सहारा 92 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला है.
सहारा में कई स्थान वेस्टलैंड हैं. लेकिन कई भौगोलिक स्थान ऐसे हैं, जहां पर विभिन्न प्रजातियों के जीव-जंतु पाए जाते हैं. एक ही रेगिस्तान आपकी कई धारणाओं को तोड़ता, मरोड़ता और बदल देता है. यहां सिर्फ रेत के धोरे यानी टीले ही नहीं है. बल्कि पथरीले इलाके भी हैं. पहाड़ हैं. नमक के मैदान हैं. सवाना जंगल हैं. जहां पर पानी भी है. लेकिन बारिश बहुत कम होती है. इसलिए यह जमीन पर दुनिया का सबसे बड़ा रेगिस्तान माना जाता था. अब ऐसा नहीं है. अब इससे बड़ा रेगिस्तान है अंटार्कटिका.