हमारी दुनिया में कई प्रकार के जीव हैं. जानवर हैं. जो बच्चे पैदा करने के लिए यौन संबंध बनाते हैं. कुत्ते, बिल्ली, पक्षी, मधुमक्खियां और हम इंसान भी. लेकिन कभी सोचा है आपने कि सबसे पहले किस जानवर ने यौन संबंध बनाया होगा. यानी बच्चे पैदा करने के लिए फिजिकली सेक्सअुल प्रोसेस को पूरा किया होगा.
ये जानवर है समुद्री सपॉन्ज (Ocean's Sponges). आज ये समंदर में इन्होंने स्पर्म और एग्स छोड़कर पानी के अंदर नए स्पॉन्ज लार्वा बनाए थे. हालांकि वैज्ञानिक अब भी इस गुत्थी की असली तारीख खोज रहे हैं. लेकिन फिलहाल तो स्पॉन्ज ही ऐसा जानवर मिला है, जिसने सबसे पहले यौन संबंध बनाया.
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इसका पता किया है यूनिवर्सिटी ऑफ हवाई के वैज्ञानिकों ने. करीब 80 करोड़ साल पहले स्पॉन्ज ऐसा नहीं करते थे. संबंध बनाने के बाद एक साथी दूसरे साथी को मार डालता था. खत्म कर देता था. शिकार कर लेता था. आयोवा यूनिवर्सिटी में बायोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर जॉन लॉन्ग्सडन ने बताया कि पहली बार यौन संबंध बनाने वाले जीव तो उससे पहले से भी संबंध बनाते ही आ रहे हैं, हमें बस पता करना है. जो आसान नहीं है.
इस खास कोशिका की हो रही है खोज और जांच
जॉन लॉन्ग्सडन ने बताया कि हमने इसकी जांच के लिए मियोसिस की जांच की. यानी कोशिकाओं के टूटने से बनने वाला रिप्रोडक्टिव सेल जिसे यूकैरियोट्स कहते हैं. यह एक कोशिका के अंदर मिलने वाला केंद्रक यानी न्यूक्लियस होता है. जैसे पौधे, जानवर या फंगस. तो सवाल ये उठा कि पहले यूकैरियोट्स कब पैदा हुए?
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पहली बार यौन संबंध किस जानवर ने बनाया?
यूकैरियोट्स ही ये बता सकते हैं कि पहली बार यौन संबंध किस जानवर ने बनाया था. जवाब है करीब 200 करोड़ साल पहले. ये तब की बात है जब एक सामान्य बैक्टीरिया कुछ जेनेटिक जानकारियों को आपस में इस तरह से एक्सचेंज करना शुरू किया. लेकिन इसे यौन संबंध बनाना नहीं कह सकते. क्योंकि ये फिजिकल नहीं है.
कुछ सबूत मिलते हैं 35.9 से 41.9 करोड़ साल पहले के
जिस तरह से सेक्सुअल इंटरकोर्स, कोपुलेशन होता है. जैसा इंसान या कई जानवर करते हैं. वैसा सबसे पहले कब हुआ था. इसकी जांच शुरू हुई. सबसे पहले इंटीमेट सेक्सुअल रिप्रोडक्शन के जो सबूत मिलते हैं, वो हैं डेवोनियन काल में मौजूद प्लैकोडर्म मछलियों के. जैसे माइक्रोब्रैचियस डिकी. ये बात है करीब 41.9 करोड़ साल से लेकर 35.9 करोड़ साल पहले की बात.
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नर माइक्रोबैचियस डिकी मछली के पास खास तरह के क्लैसपर होते थे. जो लिंग की तरह काम करते थे. ये मादा मछली को आंतरिक तौर पर फर्टाइल करने में मदद करते थे. वहीं, मादा के शरीर में क्लैसपर को सहयोग देने वाले अंग थे. ये मछलियां समंदर में यौन संबंध बनाते समय गोता लगाती रहती थीं. इस के बाद जब इनके बच्चे होते थे, तब भी नर और मादा मछलियां ऐसे ही गोता लगाते थे.
क्या होता है सेक्सुअल रिप्रोडक्शन का फायदा?
अगर एक ही जीव बच्चा पैदा करे यानी एसेक्सुअल रिप्रोडक्शन तो बच्चे के अंदर सिर्फ उसके जीन्स आते हैं. जबकि नर और मादा मिलकर ऐसा करते हैं, तो बच्चे के अंदर दोनों के जीन्स आते हैं. जो बच्चे को भविष्य के वातावरण में जीवित रहने की ताकत और क्षमता देते हैं. शार्क एसेक्सुअल होती हैं. जेली फिश तो इसी तरीके से अपना क्लोन बना देती है. लेकिन सेक्सुअल रिप्रोडक्शन करने से वातावरण में हो रहे बदलावों से भी बचा जा सकता है.