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किस देश में हैं सबसे ज्यादा सक्रिय ज्वालामुखी? भारत के पड़ोस में है वो Country

दुनिया में कौन सा ऐसा देश हैं जहां सबसे ज्यादा सक्रिय ज्वालामुखी हैं? आप इस देश से हर साल 4-5 ज्वालामुखी विस्फोट की खबर तो सुन ही लेते हैं. कुछ तो सालभर धीमे-धीमे लावा उगलते रहते हैं. इस देश में दुनिया के 13 फीसदी एक्टिव ज्वालामुखी हैं. हैरानी ये है है यह देश पर्यटन के लिए भी मशहूर है.

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Indonesia में हैं दुनिया के सबसे ज्यादा सक्रिय ज्वालामुखी. (फोटोः गेटी)
Indonesia में हैं दुनिया के सबसे ज्यादा सक्रिय ज्वालामुखी. (फोटोः गेटी)

पृथ्वी पर 1500 एक्टिव यानी सक्रिय ज्वालामुखी है. ये कभी भी फट पड़ते हैं. ये वो ज्वालामुखी हैं, जो जमीन पर हैं. इनमें वो शामिल नहीं हैं, जो समुद्र में हैं. समुद्री ज्वालामुखियों को मिलाकर संख्या करीब 10 हजार पहुंच जाएगी. लेकिन यह एक अनुमान मात्र है. समुद्र के अंदर के ज्वालामुखियों की संख्या गिनी नहीं गई कभी. लेकिन ऐसा कौन सा देश है, जहां पर सबसे ज्यादा एक्टिव ज्वालामुखी (Which country has most active volcanoes) हैं. 

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इंडोनेशिया के ज्वालामुखियों के फटने का भयावह इतिहास रहा है. हजारों जानें ले चुके हैं ये. (फोटोः AFP)
इंडोनेशिया के ज्वालामुखियों के फटने का भयावह इतिहास रहा है. हजारों जानें ले चुके हैं ये. (फोटोः AFP)

दुनिया में सबसे ज्यादा सक्रिय यानी एक्टिव ज्वालामुखी इंडोनेशिया (Indonesia) में हैं. यहां पर कुल मिलाकर 121 ज्वालामुखी हैं. जिसमें से 74 साल 1800 से एक्टिव हैं. इनमें से 58 ज्वालामुखी साल 1950 से सक्रिय हैं. यानी इनमें कभी भी विस्फोट हो सकता है. सात ज्वालामुखियों में तो 12 अगस्त 2022 के बाद से लगातार विस्फोट हो ही रहा है. ये हैं- क्राकटाउ, मेरापी, लेवोटोलोक, कारांगेटांग, सेमेरू, इबू और डुकोनो. 

इस मैप में देखिए कि इंडोनेशिया के किस जगह पर कौन सा ज्वालामुखी मौजूद है. (फोटोः ट्विटर/रेनमेकर)
इस मैप में देखिए कि इंडोनेशिया के किस जगह पर कौन सा ज्वालामुखी मौजूद है. (फोटोः ट्विटर/रेनमेकर)

अब सवाल ये उठता है कि आखिर यहीं पर इतने सक्रिय ज्वालामुखी क्यों हैं? इसकी तीन बड़ी वजहें हैं. पहला ये कि इंडोनेशिया जिस जगह हैं, वहां पर यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट (Eurasian Tectonic Plate) दक्षिण की ओर खिसक रही हैं. इंडियन-ऑस्ट्रेलियन टेक्टोनिक प्लेट (Indian-Australian Plate) उत्तर की ओर खिसक रही है. फिलिपीन्स प्लेट (Philippine Plate) पश्चिम की तरफ जा रही है. अब इन तीनों प्लेटों में टकराव या खिसकाव की वजह से ज्वालामुखियों में विस्फोट होता रहता है. 

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इंडोनेशिया में कई ऐसे ज्वालामुखी भी हैं, जो चुपचाप लगातार 12 अगस्त के बाद से फटे जा रहे हैं. (फोटोः योश जिंसू/अन्स्प्लैश)
इंडोनेशिया में कई ऐसे ज्वालामुखी भी हैं, जो चुपचाप लगातार 12 अगस्त के बाद से फटे जा रहे हैं. (फोटोः योश जिंसू/अन्स्प्लैश)

असल में इंडोनेशिया को फटते हुए ज्वालामुखियों का देश भी कहा जाता है. यह देश पैसिफिक रिंग ऑफ फायर (Pacific Ring of Fire) के ऊपर बसा है. इस इलाके में सबसे ज्यादा भौगोलिक और भूगर्भीय गतिविधियां होती हैं. जिसकी वजह से भूकंप, सुनामी, लावा के गुंबदों का बनना आदि होता रहता है. इसकी वजह से कई बार जान-माल का भारी नुकसान भी होता है. इंडोनेशिया का सबसे ज्यादा सक्रिय ज्वालामुखी केलूट (Kelut) और माउंट मेरापी (Mount Merapi) हैं. ये दोनों ही जावा प्रांत में हैं. 

दुनिया में कई और ऐसी जगहें हैं जहां पर ज्वालामुखी लगातार लावा उगलते रहते हैं. (फोटोः मार्क जेगलाट/अन्स्प्लैश)
दुनिया में कई और ऐसी जगहें हैं जहां पर ज्वालामुखी लगातार लावा उगलते रहते हैं. (फोटोः मार्क जेगलाट/अन्स्प्लैश)

इंडोनेशिया के ज्यादातर ज्वालामुखी 3000 किलोमीटर लंबी एक भौगोलिक चेन पर स्थित हैं. जिसे सुंडा आर्क (Sunda Arc) कहते हैं. यहां पर हिंद महासागर का सबडक्शन जोन हैं. यहां ज्यादातर ज्वालामुखी एशियन प्लेट की वजह से पैदा हुए हैं. इंडोनेशिया में सबसे भयानक ज्वालामुखी विस्फोट 1815 में हुआ था. तब माउंट तंबोरा फट पड़ा था. इसकी वजह से कई सालों तक यूरोप में गर्मी तक का मौसम नहीं आया था. क्योंकि ज्वालामुखी से निकली राख से वायुमंडल ढक गया था. 90 हजार लोग मारे गए थे. 10 हजार सीधे विस्फोट की चपेट में आने से. बाकी 80 हजार लोग फसल खत्म होने और भुखमरी से. 

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ऐसे सक्रिय ज्वालामुखियों की लगातार स्टडी की जाती है ताकि आने वाली आपदा से लोगों को बचाया जा सके. (फोटोः नुरहदी कायोनो/अन्स्प्लैश)
ऐसे सक्रिय ज्वालामुखियों की लगातार स्टडी की जाती है ताकि आने वाली आपदा से लोगों को बचाया जा सके. (फोटोः नुरहदी कायोनो/अन्स्प्लैश)

इसके बाद 1883 में क्राकाटोवा ज्वालामुखी फट पड़ा. विस्फोट से समुद्र तक कांप गया. सुनामी आई. 36 हजार लोगों की मौत हो गई. यह ज्वालामुखी जिस द्वीप पर है, उसका दो-तिहाई हिस्सा अपना बुरी तरह से बर्बाद हो गया. इसके बाद साल 2010 का माउंट मेरापी में हुआ विस्फोट भयानक था. इसका धुआं और राख वायुमंडल तक पहुंच गया था. सल्फर डाईऑक्साइड के बादल 12 से 15 हजार मीटर यानी 12 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंच गए थे. 

अब आपको बताते हैं उन चार अन्य देशों के बारे में जहां पर सबसे ज्यादा एक्टिव ज्वालामुखी है. इंडोनेशिया के बाद अगर किसी देश में सबसे ज्यादा सक्रिय ज्वालामुखी हैं. तो वह है अमेरिका. यहां पर 63, जापान में 62, रूस में 49 और चिली में 34 सक्रिय ज्वालामुखी है. यानी ये सभी ज्वालामुखी या तो फट रहे हैं. या कभी भी फट सकते हैं. 

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