दुनिया का दूसरा सबसे गहरा ब्लू होल, मेक्सिको (Mexico) में युकाटन प्रायद्वीप (Yucatan Peninsula) के तट पर खोजा गया है. यह गुफा चेतुमल खाड़ी (Chetumal Bay) में पानी के नीचे, करीब 900 फीट की गहराई पर है और 147,000 वर्ग फुट इलाके में फैला हुआ है.
आपको बता दें, दुनिया का सबसे गहरा ब्लू होल, दक्षिण चीन सागर में है, जिसका नाम ड्रैगन होल है. इसे 2016 में खोजा गया था और माना जाता है कि यह 980 फीट से ज़्यादा गहरा है.
क्या होते हैं ब्लू होल?
पहले आपको बताते हैं कि ब्लू होल होते क्या हैं. ब्लू होल को समुद्र के नीचे पाए जाने वाले बड़े सिंकहोल या खड़ी गुफाएं कहा जा सकता है, जो तटीय क्षेत्रों में पाई जाती हैं. कई में कोरल, समुद्री कछुए और शार्क समेत पौधे और समुद्री जीवन होता है. जो ब्लू होल चेतुमल में है उसका नाम ताम जा (Taam Ja') है. इसका अर्थ मायन में गहरा पानी होता है. ये करीब 80 डिग्री के ढलान वाली खड़ी भुजाएं हैं और गुफा का मुंह समुद्र तल से करीब 15 फीट नीचे है.
मेक्सिको के नेशनल काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (Conacyt) द्वारा समन्वित एक सार्वजनिक अनुसंधान केंद्र, El Colegio de la Frontera Sur (Ecosur) के वैज्ञानिकों ने पहली बार 2021 में इसकी खोज की थी. इस खोज से जुड़े शोध को फ्रंटियर्स इन मरीन साइंस जर्नल में प्रकाशित किया गया है.
कैसे बनते हैं ब्लू होल?
ब्लू होल तब बनते हैं जब समुद्र का पानी चूना पत्थर (Lime stone) से मिलता है. चूना पत्थर बहुत झरझरा होता है, इसलिए पानी आसानी से चट्टान में घुस जाता है, जिससे पानी में मौजूद रसायन चूना पत्थर के साथ रिएक्शन करते हैं और उसे खत्म कर देते हैं.
माना जाता है कि दुनिया के कई ब्लू होल पिछले हिम युगों के दौरान बने होंगे, जब तटीय क्षेत्रों में बार-बार आने वाली बाढ़ और ड्रेनिंग से चट्टान नष्ट हुई होंगी और खाली जगह बन गई होगी. जब लगभग 11,000 साल पहले आखिरी हिमयुग का अंत हुआ और समुद्र का स्तर बढ़ गया, तो ये गुफाएं पानी से भर गईं और कुछ पूरी तरह से डूब गईं.
पृथ्वी के इतिहास से पर्दा उठा सकते हैं
ब्लू होल्स तक पहुंचना आसान नहीं होता, इसलिए वैज्ञानिक उनमें से कई के बारे में जान नहीं पाए हैं. ब्लू होल में ऑक्सीजन कम होती है और सूरज की रोशनी केवल सतह पर ही रहती है. इन स्थितियों के बावजूद, ये खाली जगह जीवन से भरपूर है, वहां जीवों ने कम ऑक्सीजन वाले वातावरण को अपना लिया है. शोधकर्ताओं का कहना है कि हजारों साल पहले जीवन कैसा था, ब्लू होल इसका एक स्नैपशॉट दे सकते हैं. ज़्यादा ऑक्सीजन और रौशनी के बिना, जीवाश्म अच्छी तरह से संरक्षित रह सकते हैं, जिससे वैज्ञानिकों को विलुप्त प्रजातियों के अवशेषों की पहचान करने में मदद मिलती है,
Surprise discovery of world's 2nd deepest blue hole could provide window into Earth's history https://t.co/esMmay97HJ
— Live Science (@LiveScience) April 21, 2023
ब्लू होल हमें अन्य ग्रहों पर जीवन के बारे में भी जानकारी दे सकते हैं. 2012 में, शोधकर्ताओं ने बहामास के ब्लू होल में झांक कर देखा कि उन गुफाओं की गहराई में बैक्टीरिया पाए गए, जहां कोई और जीवन नहीं था. इस तरह के नतीजे इस बात का सुराग दे सकते हैं कि हमारे सौर मंडल में कठिन वातावरण में किस तरह का जीवन हो सकता है.