दुनिया की सबसे बड़ी स्मगलिंग का खुलासा हो गया है. ब्राजील की पर्यावरण एजेंसी इबामा (IBAMA) ने 28.7 मीट्रिक टन शार्क फिन को कब्जे में लिया है. ये फिन शार्क को दो प्रजातियों को मारकर निकाले गए थे. इन अंगों के लिए कम से कम 10 हजार शार्क मछलियों की हत्या की गई होगी. इसमें ब्लू शार्क और शॉर्टफिन माको शार्क शामिल हैं.
इन दोनों ही प्रजातियों को पिछले महीने ही ब्राजील के विलुप्त होने की कगार वाली राष्ट्रीय लिस्ट में शामिल किया गया है. शार्क फिन का यह सबसे बड़ा कंसाइनमेंट है, जिसे अब तक किसी देश में पकड़ा गया है. इस जखीरे को एशियाई देशों में भेजा जाने वाला था. इबामा ने दो शिपिंग कंपनियों पर यह कार्रवाई की है.
इबामा के प्रमुख जैर श्मिट कहते हैं कि हम दोनों कंपनियों के खिलाफ जांच कर रहे हैं. कुछ साल पहले भी पारा प्रांत में इसी तरह से काटी गई फिन्स का जखीरा मिला था. वहां से करीब 7 से 8 मीट्रिक टन फिन बरामद हुई थीं. मछुआरे खास तरीके से फिन काट कर मछली को समुद्र में छोड़ देते हैं. कुछ समय बाद मछलियां मर जाती हैं. या मारी जाती हैं.
Brazilian authorities said on Monday they had seized 28.7 metric tonnes of illegally obtained shark fins that would be exported to Asia, in what they called the world's largest confiscation of its kind at the origin. https://t.co/phUYFzyVQS
— Reuters Science News (@ReutersScience) June 20, 2023
श्मिट ने कहा कि हम देश में अवैध मछली बाजार पर रोक लगाना चाहते हैं. दोनों कंपनियों में से एक का जखीरा सबसे बड़ा है. ये सांता कैटेरीना प्रांत की एक्सपोर्टिंग कंपनी है. जिसके कब्जे से 27.6 मीट्रिक टन शार्क फिन मिली. बाकी राजधानी साओ पाउलो इंटरनेशनल एयरपोर्ट से मिला है.
समुद्री जीवों के संरक्षण के लिए काम करने वाली गैर-सरकारी संस्था सी शेफर्ड ब्राजील ने कहा वहां की सरकार से अपील की है कि शार्क फिन के व्यापार को प्रतिबंधित किया जाए. साथ ही ब्राजील में शार्क मछलियों के मीट का आयात न हो. ताकि शार्क मछलियों को बचाया जा सके. ब्राजील में शार्क मछलियों का शिकार अवैध है.
हालांकि, कुछ नाव वैध मछलियों के शिकार की आड़ में कई बार अवैध काम भी करते हैं. शार्क का शिकार भी करते हैं. मरी हुई शार्क मछलियों का शिकार समुद्री पक्षी करते हैं. फिर वो अन्य मछलियों का शिकार बन जाते हैं. जिसके चक्कर में कई जीवों की प्रजातियां खतरे में आ गई हैं.