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सऊदी अरब में बनाई जाएगी दुनिया की पहली वर्टिकल सिटी, ये है पूरा प्लान

सऊदी अरब में दुनिया की पहली वर्टिकल सिटी बनने जा रही है. 170 KM लंबे इस शहर का नाम है 'The Line'. शहर की बाहरी दीवारें कांच की होंगीं, इस शहर से प्रदूषण एकदम नहीं होगा. इसे नियोम के बिजनेस जोन में बनाया जाएगा.

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कांच की दीवारों के बीच बनेगा पूरा The Line शहर. सऊदी अरब के राजकुमार ने बनाया है प्लान. (फोटोः नियोम)
कांच की दीवारों के बीच बनेगा पूरा The Line शहर. सऊदी अरब के राजकुमार ने बनाया है प्लान. (फोटोः नियोम)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 170KM लंबा और 200 मीटर चौड़ा होगा ये शहर
  • 20 मिनट में शहर के एक कोने से दूसरे में पहुंचेंगे लोग
  • 90 लाख रहेंगे इसमें, जीरो कार्बन उत्सर्जन होगा यहां

पहली बार ऐसा होगा कि कोई शहर फैलाव में नहीं बल्कि ऊंचाई की ओर बढ़ते हुए बनेगा. इस शहर की लंबाई 170 किलोमीटर होगी. चौड़ाई 200 मीटर होगी. आप इस शहर के एक तरफ से दूसरी तरफ सिर्फ 20 मिनट में पहुंच जाएंगे. क्योंकि यहां पर हाई-स्पीड ट्रेन चलेगी. इस शहर की ऊंचाई 500 मीटर यानी आधा किलोमीटर होगी. इसके अंदर घर के ऊपर घर बनेंगे. यानी फैलाव में नहीं बल्कि लेयर दर लेयर फ्लैट स्टाइल में. 

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इस शहर का नाम रखा गया है 'द लाइन' (The Line). दुनिया के इस पहले वर्टिकल शहर में दफ्तर, घर, पार्क, स्कूल सब कुछ वर्टिकल होंगे. सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिल सलमान ने इस प्रोजेक्ट के बारे में सबसे पहले जनवरी 2021 में खुलासा किया था. इसे बनाने में करीब 500 बिलियन डॉलर्स यानी 39.95 लाख करोड़ रुपये की लागत आएगी. 

इस तरह के दो दीवारों के अंदर पूरे शहर को बनाया जाएगा. (फोटोः नियोम)
इस तरह के दो दीवारों के अंदर पूरे शहर को बनाया जाएगा. (फोटोः नियोम)

'द लाइन' (The Line) शहर कांच की आधा किलोमीटर ऊंची दीवारों से ढंका होगा. यह पूरा शहर 100 फीसदी रीन्यूएबल एनर्जी पर चलेगा. यानी सौर ऊर्जा, वायु ऊर्जा आदि. यहां किसी तरह का प्रदूषण नहीं होगा. न ही किसी तरह का कोई कार्बन उत्सर्जन किया जाएगा. शहर की 170 किलोमीटर की दूरी को मात्र 20 मिनट में पूरा किया जा सकेगा. यहां पर करीब 90 लाख लोगों के रहने की व्यवस्था की जाएगी. 

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पारंपरिक फ्लैट और फैले हुए शहरों की तुलना में यह शहर लंबवत यानी वर्टिकल ही होगा. यानी खड़ा शहर. इस शहर में सड़कें नहीं होंगी. कारें नहीं चलेंगी. उत्सर्जन नहीं होगा. इसके अलावा इसके आसपास हाई-टेक जोन का विकास किया जाएगा. ये करीब 26,500 वर्ग किलोमीटर इलाके में फैला होगा. ताकि शहर को हर तरह का सपोर्ट दिया जा सके. अगर सबकुछ सही रहा तो यह शहर साल 2025 तक बनकर तैयार हो जाएगा. 

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