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Awesome Engineering: दुनिया का सबसे लंबा पैदल सस्पेंशन ब्रिज, हर कदम पर लगता है डर

दुनिया का सबसे लंबा पेडेस्ट्रियन सस्पेंशन ब्रिज. जो हर कदम पर ऊपर-नीचे और दाएं-बाएं हिलता है. जिन्हें ऊंचाई से डर लगता है, उनकी रूह कांप जाती है, इसपर चलते हुए. ये ब्रिज पुर्तगाल में है. यह इंजीनियरिंग का अद्भुत उदाहरण है. यह पायवा नदी के ऊपर दो पहाड़ियों को जोड़ता है. इस पर गाड़ियां नहीं चलतीं.

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ये है पुर्तगाल का 516 अरौका. दुनिया का सबसे लंबा पेडेस्ट्रियन सस्पेंशन ब्रिज. (फोटोः AFP)
ये है पुर्तगाल का 516 अरौका. दुनिया का सबसे लंबा पेडेस्ट्रियन सस्पेंशन ब्रिज. (फोटोः AFP)

पुर्तगाल (Portugal) के अरौका जियोपार्क में दुनिया का सबसे लंबा पेडेस्ट्रियन सस्पेंशन ब्रिज (World's Longest Pedestrian Suspension Bridge) है. इसका नाम 516 अरौका (516 Arouca) है. कहते हैं जिन्हें ऊंचाई से डर लगता है, उन्हें इस ब्रिज पर नहीं जाना चाहिए. हालांकि अभी तक इस ब्रिज पर किसी तरह का कोई हादसा नहीं हुआ है. लेकिन यह ब्रिज आपके हर कदम पर हिलता है. ऐसे में इतनी ऊंचाई पर मौजूद किसी भी इंसान की हालत खराब हो जाएगी. 

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नदी से 577 फीट ऊपर है ब्रिज. जालीदार रैंप पर चलते समय लगता है लोगों को डर. (फोटोः AFP)
नदी से 577 फीट ऊपर है ब्रिज. जालीदार रैंप पर चलते समय लगता है लोगों को डर. (फोटोः AFP)

यह लटकता और झूलता हुआ ब्रिज पायवा नदी (Paiva River) के ऊपर बनाया गया है. जिसके दो तरफ ऊंची पहाड़ियां हैं. अरौका जियोपार्क अविरो जिले में है. इस सस्पेंशन ब्रिज को बनाने के लिए स्टील का उपयोग किया गया है. ब्रिज की लंबाई 1693 फीट यानी करीब आधा किलोमीटर है. चौड़ाई सिर्फ 3.11 फीट है. जबकि नदी से इसकी ऊंचाई 577 फीट यानी 176 मीटर है. इसमें चलने के लिए सिर्फ एक ही लेन है. इसलिए कमजोर दिल के लोग इस पर चलते समय इसकी रेलिंग को पकड़ कर चलते हैं. ब्रिज को 127 इंटरलॉकिंग मेटल केज से जोड़ा गया है. 

इस ब्रिज को बनाने में लोगों के चलने के लिए 127 इंटरलॉकिंग मेटल केज से जोड़ा गया है. (फोटोः AFP)
इस ब्रिज को बनाने में लोगों के चलने के लिए 127 इंटरलॉकिंग मेटल केज से जोड़ा गया है. (फोटोः AFP)

इसे बनाने के लिए दोनों पहाड़ियों पर V के आकार के दो पिलर्स खड़े किए गए हैं. हर पिलर को स्टील के तारों से जोड़ा गया है. चलने वाले जालीदार प्लेटफॉर्म और रेलिंग को स्टील के तारों से बांधा गया है. यह ऋषिकेश के लक्ष्मण झूले जैसा ही है. लेकिन थोड़ा तकनीक में अंतर है. इसे बनाने की शुरुआत मई 2018 में हुई थी. यह अप्रैल 2021 में  बनकर पूरा हो गया. इसके बाद पुर्तगाल के केनिलास (Canelas) और अल्वरेंगा (Alvarenga) से जाया जा सकता है. दोनों ब्रिज के अलग-अलग छोर पर है. हर पर्यटक को इस पर जाने से पहले गाइड बताते हैं. 

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पैदल मार्ग की चौड़ाई सिर्फ तीन फीट है. इसलिए दो लोग से ज्यादा समूह में नहीं चल सकते. (फोटोः AFP)
पैदल मार्ग की चौड़ाई सिर्फ तीन फीट है. इसलिए दो लोग से ज्यादा समूह में नहीं चल सकते. (फोटोः AFP)

इसे बनाया है इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट फॉर कंस्ट्रक्शन, एनर्जी, एनवायरमेंट एंड सस्टेनेबिलिटी. अब यह ब्रिज लोगों को जियोपार्क में पैदल घूमने में मदद करता है. नहीं तो पहले बैटरी वाली गाड़ी या साइकिल से लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ता था. ब्रिज के आसपास पायवा वॉकवे (Paiva Walkway) है. यह एक आठ किलोमीटर लंबा ट्रेकिंग मार्ग है.  

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