असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह ने अपने वकील के जरिए एक पत्र भेजा है. इस पत्र में अमृतपाल ने कहा है कि जेल के अंदर भी उसके हौसले बुलंद हैं.