वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगर इंसान धरती के बढ़ते तापमान को 2 डिग्री सेल्सियस पर रोक भी दे, तो भी दोनों ध्रुवों पर खतरा कम नहीं होगा. अंटार्कटिका और ग्रीनलैंड पर तेजी से पिघलने वाली बर्फ को वापस जमाया नहीं जा सकेगा.