विदा वाले दिन ही कृष्णा का पेपर था. उसने फेरे रुकवाए और फिर दुल्हन के जोड़े में ही एग्जाम देने गई. वहां से लौटकर बाकी की रस्मों को पूरा किया. उसका कहना है कि शादी जितनी जरूरी है उतनी ही पढ़ाई भी जरूरी है.