अवैध रोहिंग्याओं को वापस उनके देश म्यांमार भेजने की शुरुआत मणिपुर से हो चुकी है. इस बीच, सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार के बीच रोहिंग्याओं को शरणार्थी का दर्जा देने पर ठन गई है. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई.