चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल वू कियान से जब भारत की ओर से फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइल सौंपे जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि चीन का हमेशा विश्वास रहा है कि दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग से किसी तीसरे पक्ष को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए. साथ ही इससे किसी तीसरे देश की क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बाधित नहीं होनी चाहिए.