कोरोना काल के सब्जेक्ट को पिछले कुछ समय में कई राइटर्स व डायरेक्टर ने एक्सप्लोर किया है. मधुर भंडारकर ने जहां लॉकडाउन के शुरूआती दिनों को हाइलाइट कर लोगों के इमोशन को परोसा, तो वहीं अनुभव सिन्हा ने भी भीड़ के जरिए पलायन करने वाले मजदूरों के दर्द को दिखाया था. इसी काल की कहानी को अब विवेक अग्निहोत्री अपने तरीके और स्टाइल से पेश करने जा रहे हैं.