वो 20 फरवरी 2024 का दिन था. गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके के रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर राकेश वार्ष्णेय उस दिन रोज़ की तरह काम के सिलसिले में घर से बाहर निकले, लेकिन फिर लौट कर नहीं आए. और उनका मोबाइल फोन भी स्विच्ड ऑफ हो गया, तो उन्होंने राकेश के दोस्त और उसके साथ पार्टनरशिप में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करने वाले राजू उपाध्याय को संपर्क किया.