बांग्लादेश की सरकार ने आखिरकार इस बात को मान ही लिया कि तख्तापलट होने के बाद अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़ गए हैं. बांग्लादेश सरकार ने माना है कि शेख हसीना की सत्ता जाने के बाद देशभर में सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं के 88 मामले दर्ज किए हैं.