लेबनान और ईरान के समर्थन के कारण हिज़्बुल्लाह की मिलिट्री स्ट्रेंथ काफी मजबूत है, जिससे इज़रायल के लिए इसे हराना बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है.