लेबनान के एक अधिकारी ने पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि हिज्बुल्लाह ने लेबनान की सरकार के जरिए अमेरिका से यह गारंटी हासिल करने की कोशिश थी कि नसरल्लाह के जनाजे पर हमला नहीं होगा. लेकिन बेरूत में लगातर हो रहे इजरायली हमले की वजह से इस तरह की कोई गारंटी नहीं मिल सकी.