दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे इस्लामोफोबिया को देखते हुए पिछले साल संयुक्त राष्ट्र में एक प्रस्ताव लाया गया था. इसके बाद हर साल 15 मार्च को 'इस्लामोफोबिया विरोधी दिवस' मनाया जाता है. दावा है कि दुनिया में मुसलमानों के खिलाफ नफरत, भेदभाव और हिंसा को रोकने के लिए ये प्रस्ताव लाया गया था.