जगह थी ब्रिटेन की राजधानी लंदन. हाउस ऑफ कॉमन्स यानी कि ब्रिटिश पार्लियामेंट के एक छोटे से कमरे में नामी-गिरामी लोग बैठे थे. ये शख्सियतें थीं ब्रिटेन में भारत डिप्टी हाई कमीश्नर नटवर सिंह, ब्रिटेन की नेता प्रतिपक्ष और कंजरवेटिव पार्टी की लीडर मार्गरेट थैचर, वही कद्दावर मार्गरेट थैचर जो अगले कुछ सालों में पीएम बनने वाली थीं.