पुणे में दो लोगों की जान लेने वाले नाबालिग अमीरजादे को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया, जहां उसे कुछ शर्तों के साथ महज 15 घंटे में ही जमानत मिल गई. शर्तों के मुताबिक, उसे सड़क हादसों पर एक निबंध लिखने को कहा गया और 15 दिनों तक ट्रैफिक वॉलेंटियर के तौर पर ट्रैफिक पुलिस के साथ पुणे की सड़कों पर ट्रैफिक संभालने का काम दिया गया.