रूस का सबसे एक्टिव ज्वालामुखी शिवेलुच 11 अप्रैल को फट गया. इसके बाद आसमान में कई किलोमीटर ऊपर तक राख का गुबार देखा गया..इस विस्फोट की वजह से 1.08 लाख वर्ग किलोमीटर तक राख फैल गई.