सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दागी उम्मीदवारों की नियुक्ति रद्द करने के हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई वैध आधार नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल द्वारा संचालित और सहायता प्राप्त स्कूलों में 25,753 शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति में गड़बड़ी और दाग है.