स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने बताया कि उनके लिए भगवान राम के क्या मायने हैं? उन्होंने कहा कि भगवान राम के सिवा कुछ नहीं है. राम मेरे सर्वस्व हैं. राम विराट हैं. राम की सोच...राम का प्रजा के प्रति स्नेह विराट है. इसलिए राम सार्वभौम हुए.