स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल करने, लैपटॉप, टीवी या दूसरे गैजेट्स की स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताने से बच्चों में वर्चुअल ऑटिज्म के संकेत देखने को मिलते हैं. जानिए ये बच्चों के लिए कितना खतरनाक है.