इधर ओडिशा में बीजेपी और बीजेडी के गठबंधन की चर्चा है. और उधर सवाल उठा कि साल 2000 से ओडिशा का पावर सेंटर रहे मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को 15 साल बाद गठबंधन की जरूरत क्यों पड़ रही?