गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने वाली बॉक्सर मेरी कॉम ने 2020 टोक्यो ओलंपिक के लिए कमर कसते हुए कहा है कि अभी उनका मुक्केबाजी से संन्यास लेने का कोई इरादा नहीं है.
आजतक से खास बातचीत में मेरी कॉम ने कहा, 'लोग चाहते हैं कि मेरी रिटायरमेंट जल्द हो जाए, उनको लगता है कि ओलंपिक मेरे लिए अभी दूर है. लेकिन, मैं ऐसे लोगों को बता देना चाहती हूं कि जब तक मुझ में दम है, तब तक मुझे कोई नहीं रोक सकता.'
मेरी कॉम ने कहा, 'मेरे बारे में कोई और शख्स कैसे फैसला ले सकता है? पीठ पीछे बोलने वाले बहुत हैं, गलत खबरें फैलाने वाले भी बहुत हैं, लेकिन वो नहीं जानते कि मेरी ने अगर कुछ ठान लिया तो, वो कर के रहती है. मैं बचपन से यही करती हूं और अब मेरा सपना ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है. मैं सिर्फ हिस्सा लेने के लिए किसी गेम्स में नहीं जाती, मैं वहां देश के लिए मेडल जीतने के लिए रिंग में उतरती हूं.'
35 साल की मैरी कॉम से उम्मीदें भी अब बहुत बढ़ गई हैं.
मेरी कॉम ने कहा, 'आप सोच नहीं सकते कि मैं कॉमनवेल्थ गेम्स में जाने से पहले काफी नर्वस थी. मुझे डर लग रहा था कि अगर मैं मेडल नहीं जीत पाई तो फिर क्या होगा. ऐसा इसलिए था क्योंकि वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद लोगों की उम्मीद मुझसे बहुत बढ़ गई थी. मुझे इस बात का डर था अगर मैंने गोल्ड कोस्ट में अच्छा नहीं किया तो क्या होगा, कैसे लोगों को जवाब दूंगी. इसीलिए ये मेडल जीतना मेरे लिए बड़ा खास है. मुझे बेहद खुशी हुई. अब मेरे हौसले और भी बुलंद हो गए हैं और मैं आगे भी अच्छा ही करुंगी ऐसा मुझे पूरा विश्वास है.'
बच्चे बड़े हो रहें हैं और मेरी को घर-गृहस्ती भी संभालनी पड़ती है, लेकिन मां हो या बीवी का वो सब रोल बखूबी निभा रही हैं. मेरी कॉम ने कहा, 'मेरी कामयाबी का राज है फोकस. मेरा पहला लक्ष्य होता है अपनी ट्रेनिंग शेड्यूल को खराब ना होने देना. जिन्दगी में जितनी भी मुश्किलें आएं, जितने भी रोड़े आएं, मुझे ट्रेनिंग करनी ही करनी है. मैं इसके अलावा कुछ नहीं सोचती. पहले ट्रेनिंग फिर सब कुछ. मैं जितनी भी व्यस्त हूं, अपनी ट्रेनिंग मिस नहीं करती. युवा खिलाडियों को भी मेरी यही सलाह है कि मेहनत बड़ी जरूरी है और ट्रेनिंग अगर करो तो जमकर करो, कुछ आइडिया लगाकर करो, प्लान बनाकर करो ना की सिर्फ नाम के लिए.'