बर्मिंघम में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के लॉन बॉल इवेंट में भारतीय महिला टीम ने इतिहास रच दिया है. मंगलवार को साउथ अफ्रीका को फाइनल इवेंट में मात देकर टीम इंडिया ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया. यह पहली बार हुआ है जब कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को इस इवेंट में कोई भी मेडल मिला हो.
लवली चौबे, पिंकी, नयनमोनी सैकिया और रूपा रानी तिर्की की अगुवाई में भारतीय टीम ने पहले सेमीफाइनल में 16-13 से न्यूजीलैंड को मात दी, फिर फाइनल में साउथ अफ्रीका को 17-10 से हरा दिया. यह उपलब्धि कितनी बड़ी है और यह खेल क्या है, इसपर एक नज़र डालिए...
पहली बार भारत के नाम इस खेल में मेडल
कॉमनवेल्थ गेम्स में लॉन बॉल 1930 के शुरुआती सत्र से ही खेला जा रहा है और केवल एक बार 1966 के गेम्स में लॉन बॉल इन गेम्स का हिस्सा नहीं रहा. लॉन बॉल में सबसे ज्यादा गोल्ड मेडल जीतने का रिकॉर्ड फिलहाल इंग्लैंड के नाम है. जिसने 21 गोल्ड मेडल जीते हैं. वहीं स्कॉटलैंड 20 गोल्ड के साथ दूसरे स्थान पर है. भारत की बात करें तो उसने कॉमनवेल्थ गेम्स में लॉन बॉल में कभी भी मेडल नहीं जीता था. लेकिन अब इतिहास में पहली बार भारत को इस खेल में मेडल मिला है.
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कैसे खेला जाता है लॉन बॉल गेम?
लॉन बॉल एक आउटडोर गेम है जिसमें एक गेंद (Bowl) को मैदान पर फेंका जाता है. यानी कि उस बॉल को रोल करके खिलाड़ी द्वारा आगे बढ़ाया जाता है. यह गेंद रबर, लकड़ी या किसी अन्य सामग्री से बने होते हैं और इसका वजन अधिकतम 1.59 किलोग्राम तक हो सकता है. गेंद एक तरफ चपटे होते हैं ताकि लुढ़कने पर वे घुमावदार (curve) रास्ते की ओर जाएं. इस खेल का एक प्रमुख वर्ड जैक है. खिलाड़ियों का उद्देश्य गेंद को इसी जैक के नजदीक तक पहुंचाना रहता है.
जिस खिलाड़ी का जैक नजदीक रहता है उसे प्वाइंट मिलते हैं. इसलिए जैक को टारगेट के नाम से भी जाना जाता है. जैक की लंबाई करीब 23 मीटर होती है. यह खेल आम तौर पर एक फ्लैट लॉन पर खेला जाता है, जिसका आकार लगभग 40-42 गज (37-38 मीटर) होता है. लॉन बॉल गेम में सिंगल, डबल्स, तीन और चार प्लेयर की टीमें शामिल हो सकती हैं. इस दौरान महिला और पुरुष दोनों की अलग-अलग टीमें होती हैं.
जैसा कि नाम से पता लग रहा है कि यह खेल लॉन में खेला जाता है. इसके दो फॉर्मेट हैं सिंगल्स और टीम गेम. टीम गेम में 2, 3 या 4 खिलाड़ी भी होते हैं. टॉस जीतने वाली टीम को ही सबसे पहले जैक बॉल को रोल करना पड़ता है, जहां ये बॉल रुकी फिर वहीं पर थ्रोइंग बॉल को रोल होता है. चार खिलाड़ियों वाले इवेंट में हर खिलाड़ी को दो बार (एक-एक एंड) से बॉल रोल करने का मौका मिलता है.