ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट का मानना है कि उभरते हुए बल्लेबाज विल पुकोवस्की को भारत के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिलेगी, क्योंकि चयनकर्ता दबाव का सामना कर रहे जो बर्न्स को बाहर करने से हिचक रहे हैं. विल पुकोवस्की ने ऑस्ट्रेलिया में खेली जा रहे घरेलू टूर्नामेंट शेफील्ड शील्ड में लगातार दो मैचों में दो दोहरे शतक जड़ कर भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में अपना दावा ठोका था. जिसके बाद उन्हें टीम में ही शामिल कर लिया गया.
गिलक्रिस्ट ने हालांकि स्वीकार किया कि पुकोवस्की को खिलाने के ‘ठोस कारण’ हैं. गिलक्रिस्ट ने कहा कि पुकोवस्की के शेफील्ड शील्ड में लगातार दो दोहरे शतक के साथ मजबूत दावा पेश करने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया के पारी का आगाज करने के लिए बर्न्स और डेविड वॉर्नर की जांची-परखी जोड़ी पर भरोसा करने की संभावना है.
गिलक्रिस्ट ने ‘फॉक्सस्पोर्ट्स.कॉम.एयू’ से कहा, ‘यह सिर्फ मेरा नजरिया है, लेकिन मुझे लगता है कि चयनकर्ता और टीम जो बर्न्स और डेविड वॉर्नर की साझेदारी का लुत्फ उठा रहे हैं.’ उन्होंने कहा, ‘पुकोवस्की का दावा मजबूत है, लेकिन वे बेहद ठोस कारण के बिना इस साझेदारी (वॉर्नर और बर्न्स) को तोड़ने से हिचकेंगे. उनका मानना है कि वे एक दूसरे का साथ देते हैं.’
गिलक्रिस्ट ने कहा कि बर्न्स भले ही बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहा हो, लेकिन टीम और चयनकर्ता वॉर्नर के साथ उनकी साझेदारी के महत्व को समझते हैं. पूर्व कप्तान मार्क टेलर सहित कई पूर्व खिलाड़ी भारत के खिलाफ 17 दिसंबर से एडिलेड में डे नाइट टेस्ट के साथ शुरू हो रही चार मैचों की टेस्ट सीरीज की प्लेइंग इलेवन में पुकोवस्की को जगह देने की मांग कर चुके हैं.
चयन समिति के अध्यक्ष ट्रेवर होन्स और कोच जस्टिन लैंगर ने हालांकि संकेत दिए हैं कि बर्न्स को टेस्ट टीम से बाहर करने की संभावना नहीं है. बर्न्स इस साल 11.4 के औसत से ही रन बना पाए हैं और इस दौरान सिर्फ एक बार 20 रन के आंकड़े को पार करने में सफल रहे, लेकिन पिछली गर्मियों में 32 के औसत से 256 रन बनाकर वह ऑस्ट्रेलिया के तीसरे सर्वश्रेष्ठ स्कोरर थे.