एजबेस्टन टेस्ट में इंग्लैंड ने चौथी पारी में भारत द्वारा दिए गए 378 रनों के लक्ष्य को सिर्फ 77 ओवर में पार कर लिया. जो रूट और जॉनी बेयरस्टो ने जिस तरह बैटिंग की, उसने इंग्लैंड के टेस्ट क्रिकेट टीम के नए अवतार को सबके सामने रख दिया है... जिसका मंत्र है Bazball.
न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ब्रैंडन मैक्कुलम ने जब से इंग्लैंड टेस्ट के कोच का पद संभाला है, तभी से इंग्लैंड बदली-बदली नज़र आ रही है. पहले न्यूजीलैंड को 3-0 से टेस्ट सीरीज़ में मात दी और उसके बाद भारत को एजबेस्टन टेस्ट में पटकनी दे दी.
यही वजह है कि बैज़बॉल की चर्चा बनी हुई है. लेकिन ये है क्या, ये कोई गेम खेलने का तरीका नहीं बल्कि एक मानसिकता है. ब्रैंडन मैक्कुलम जो खुद आक्रामक क्रिकेट खेलते थे और अपनी कप्तानी में उन्होंने न्यूजीलैंड को आक्रामक क्रिकेट ही खिलाया. वही अब वह अपनी कोचिंग में भी करते दिख रहे हैं.
ब्रैंडन मैक्कुलम के कोच बनने के बाद इंग्लैंड ने टेस्ट मैच में आक्रामकता दिखाई है. जिस इंग्लैंड में क्रिकेट पैदा हुआ और जिसकी टीम हमेशा ही रुलबुक के हिसाब से खेलती दिखती है वो अब नियमों को नए तरीके से गढ़ रही है.
लेकिन अगर आक्रामक क्रिकेट या बैज़बॉल की बात करें तो टेस्ट क्रिकेट में ये कुछ नया नहीं है. साल 2014 में जब महेंद्र सिंह धोनी ने टेस्ट क्रिकेट छोड़ा और विराट कोहली को कप्तान बनाया गया. इसकी झलक तभी से दिखनी शुरू हुई थी. कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री की जोड़ी ने 2014 से 2021 तक टेस्ट क्रिकेट में जो कमाल किया, वो बैज़बॉल से कहीं आगे था.
दोनों की जोड़ी की अगुवाई में इस दौरान दुनिया ने सबसे बेहतरीन पेस अटैक देखा, जिसने ना सिर्फ भारत बल्कि इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया में जाकर अपना कहर बरपाया. इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में तो टीम इंडिया को कई सफलताएं भी मिली. ऑस्ट्रेलिया में सीरीज़ जीतना भी इसी का हिस्सा है.
जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, उमेश यादव, शार्दुल ठाकुर, मोहम्मद शमी, ईशांत शर्मा जैसे बॉलर्स की टुकड़ी ने टेस्ट क्रिकेट में एग्रेशन दिखाया. खुद कप्तान विराट कोहली के एग्रेशन को पूरा क्रिकेट वर्ल्ड जानता है, ऐसे में जिस बैज़बॉल की बात की जा रही है या जिसे एक बड़ा बदलाव बताया जा रहा है. विराट-शास्त्री पहले ही ऐसा कर चुके हैं.
रवि शास्त्री के कोच रहते और विराट कोहली के कप्तान रहते हुए भारत ने कुल 39 टेस्ट मैच खेले. बतौर कोच-कप्तान की जोड़ी इन्होंने कुल 22 मैच जीते, जबकि 13 टेस्ट मैच गंवाए. सिर्फ चार मैच ही ड्रॉ हुए और जीत प्रतिशत 56.41 फीसदी रहा. घर में इस जोड़ी का जीत प्रतिशत 79 फीसदी रहा, जबकि विदेशी ज़मीन पर ये 44 फीसदी तक गया.
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