चेन्नई में भारत और इंग्लैंड के बीच जारी चार टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मैच रोमांचक मोड़ पर है. इंग्लैंड ने भारत को 420 रनों का विशाल लक्ष्य दिया है. भारत अगर इसे हासिल कर लेता है तो ये टेस्ट क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा चेज होगा. टेस्ट क्रिकेट में चौथी पारी में 418 से ज्यादा का चेज आज तक नहीं हो पाया है. वेस्ट इंडीज ने 2003 में सेंट जोंस में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐसा किया था. (फाइल फोटो)
दक्षिण अफ्रीका ने किया था 414 रनों का पीछा- सबसे बड़ा टारगेट हासिल करने की सूची में दक्षिण अफ्रीका दूसरे नंबर पर है. उसने 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 414 रनों के टारगेट को हासिल किया था. ये मैच ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में खेले गया था. (फाइल फोटो)
वहीं, भारत की बात करें तो वो इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर है. उसके नाम 406 रनों का टारेगट चेज करने का रिकॉर्ड दर्ज है. साल 1976 में भारतीय टीम ने पोर्ट ऑफ स्पेन में वेस्ट इंडीज के खिलाफ ये कारनामा किया था. अगर चेन्नई में भारत के रिकॉर्ड को देखें तो वो उसके पक्ष में है. (फाइल फोटो)
साल 2008 में भारत ने चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ 387 रनों के लक्ष्य को हासिल किया था. उस मैच में दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने शतक जड़ा था और भारतीय टीम 6 विकेट से ये मैच जीतने में सफल हुई थी.
ऑस्ट्रेलिया चेज कर चुकी है 404 रन: ऑस्ट्रेलिया ने साल 1948 में इंग्लैंड के खिलाफ 404 रनों का टारेगट चेज किया था. ये मैच इंग्लैंड के लीड्स में खेला गया था. इस लिस्ट में पांचवें नंबर पर वेस्ट इंडीज का नाम है, जो उसने एक दिन पहले यानी रविवार को हासिल किया है. वेस्ट इंडीज ने बांग्लादेश के खिलाफ 395 रनों का टारगेट हासिल किया, जो एशिया में सबसे बड़े टारगेट को हासिल करने का रिकॉर्ड है.
श्रीलंका ने किया था 391 रनों का पीछा: श्रीलंकाई टीम ने 2017 में कोलंबो में जिम्बाब्वे के खिलाफ 391 रनों के लक्ष्य को हासिल किया था. इस मैच को श्रीलंका ने 4 विकेट से जीता था. 420 रनों को चेज करना तो मुश्किल काम है, लेकिन भारतीय टीम के हालिया फॉर्म को देखें तो ये नामुमिकन भी नहीं लगता है. ऑस्ट्रेलिया के सिडनी और ब्रिस्बेन के प्रदर्शन के बाद क्रिकेट फैंस की भारतीय खिलाड़ियों से उम्मीद भी बढ़ गई है. भारतीय बल्लेबाजों का खौफ इंग्लैंड के खेमे में भी देखा गया.
इंग्लैंड के पास 400 से ज्यादा रनों की लीड हो चुकी थी, लेकिन फिर भी उसके कप्तान पारी घोषित करने का साहस नहीं दिखा पाए. क्या सुरक्षित स्कोर होगा इसपर इंग्लैंड निर्णय नहीं ले पाया और आखिर में भारत ने उसे 178 रनों पर ऑलआउट किया.
पांचवें दिन 381 रनों की जरूरत- टीम इंडिया को आखिरी दिन 381 रनों की जरूरत होगी. 420 रनों के रिकॉर्ड लक्ष्य का पीछा करते हुए चौथे दिन स्टंप्स तक उसने एक विकेट पर 39 रन बनाए हैं. दिन का खेल खत्म होने पर सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल 15, जबकि चेतेश्वर पुजारा 12 रन बनाकर खेल रहे थे. टूटती पिच पर 90 ओवरों में 381 रन बना पाना बेहद मुश्किल होगा, इसलिए अगर मैच ड्रॉ भी होता है तो यह मेजबान टीम के लिए अच्छा नतीजा होगा.