भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एडिलेड में गुरुवार से शुरू होने वाले पहले डे नाइट टेस्ट क्रिकेट मैच में ऋद्धिमान साहा के विकेटकीपिंग में बेहतर प्रदर्शन को ऋषभ पंत की आक्रामक बल्लेबाजी पर प्राथमिकता मिल सकती है.
पहले टेस्ट मैच के लिए संभावित प्लेइंग इलेवन चर्चा का विषय बनी हुई है और अभी यह तय नहीं है कि 36 साल के साहा के रूप में बेहतर विकेटकीपर या 23 साल पंत के रूप में बेहतर बल्लेबाज में से किसे टीम में जगह देनी है.
भारतीय टीम प्रबंधन ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं और हनुमा विहारी से जब इस बारे में पूछा गया था तो उन्होंने भी कहा था कि ‘स्वस्थ प्रतिस्पर्धा’ टीम के लिए अच्छी है. माना जा रहा है कि साहा की बेहतर विकेटकीपिंग और रक्षात्मक बल्लेबाजी को प्राथमिकता दी जा सकती है.
कोच रवि शास्त्री, कप्तान विराट कोहली, सहायक कोच विक्रम राठौड़, भरत अरुण और चयनकर्ता हरविंदर सिंह मैच की परिस्थितियों के आधार पर इन दोनों के प्रदर्शन का आकलन करेंगे.
साहा ने पहले अभ्यास मैच में 54 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेलकर भारत को ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ हार से बचाया था. उन्होंने तब जेम्स पेटिंसन, माइकल नेसर और कैमरन ग्रीन जैसे गेंदबाजों का सामना किया था. इसके विपरीत पंत ने जब दूसरे अभ्यास मैच में शतक जमाया तब भारतीय टीम बेहतर स्थिति में थे और उन्हें लेग स्पिनर मिशेल स्वेपसन और कामचलाऊ गेंदबाज निक मैडिन्सन का सामना करना पड़ा था.
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान एलन बॉर्डर ने ऑस्ट्रेलिया-ए के इस गेंदबाजी प्रदर्शन को शर्मनाक करार दिया था. साहा ने 37 टेस्ट मैचों में 1238 रन बनाए हैं, जिसमें 3 शतक शामिल हैं. उन्होंने 92 कैच और 11 स्टंप आउट किए हैं. वह अगर पहले टेस्ट मैच में जगह बना लेते हैं तो भी पंत की संभावना समाप्त नहीं हो जाती. साहा को टीम में बने रहने के लिए विकेट के पीछे ही नहीं, विकेट के आगे भी अच्छा प्रदर्शन करना होगा.