पिछले साल IPL टूर्नामेंट में किंग्स इलेवन पंजाब और राजस्थान रॉयल्स के बीच एक मैच के दौरान 'मांकड़िंग विवाद' काफी चर्चित रहा. इस मैच में तत्कालीन किंग्स इलेवन पंजाब के कप्तान रविचंद्रन अश्विन ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ जोस बटलर को बिना गेंद फेंके ही नॉन स्ट्राइकिंग छोर पर रन आउट कर 'मांकड़िंग विवाद' को हवा दे दी.
रविचंद्रन अश्विन ने बटलर को आईपीएल के इतिहास में पहली बार 'Mankading' का शिकार बनाया. उस समय बटलर 43 गेंद में 69 रन बनाकर खेल रहे थे और अश्विन ने चेतावनी दिए बिना उन्हें Mankading से आउट किया, जिससे उनकी खेलभावना को लेकर सवाल भी उठे.
खेल के नियमों के अनुसार तीसरे अंपायर ने बटलर को आउट दिया, लेकिन ऐसे विकेट खेलभावना के विपरीत माने जाते हैं. इसके बाद बटलर और अश्विन के बीच तीखी बहस भी हुई. मैच के बाद जब अश्विन से Mankading और खेल भावना को लेकर उठ रहे सवाल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'मेरी ओर से यह बहुत सहज था. यह योजना नहीं थी या ऐसा कुछ भी नहीं था. यह खेल के नियमों के भीतर है.'
बता दें कि मैच में दूसरे छोर पर खड़ा बल्लेबाज अगर गेंदबाज के हाथ से गेंद छूटने से पहले क्रीज से बाहर निकल आए तो उसे रन आउट करने को Mankading कहते हैं. भारतीयों में कपिल देव ने दक्षिण अफ्रीका के पीटर कर्स्टन को 1992-93 की सीरीज के दौरान Mankading से आउट किया था. वहीं, घरेलू क्रिकेट में स्पिनर मुरली कार्तिक ने बंगाल के संदीपन दास को रणजी ट्रॉफी मैच में इसी तरह से आउट किया था.
रविचंद्रन अश्विन अभी तक इस नियम की चर्चा करते हैं. अश्विन इस साल आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स की ओर से खेलेंगे, जो संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में 19 सितंबर से शुरू हो रहा है. दिल्ली कैपिटल्स के कोच पोंटिंग को लगता है कि Mankading खेल भावना के खिलाफ है और उनकी टीम इस आईपीएल में इसका इस्तेमाल नहीं करेगी.