बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए सीरीज के पिंक टेस्ट में सलामी बल्लेबाज के तौर पर पृथ्वी शॉ को शामिल किया गया है, जबकि शुभमन गिल और केएल राहुल को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया.
खराब फॉर्म में चल रहे पृथ्वी शॉ पहली पारी में सिर्फ दो गेंद ही खेल पाए और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज मिशेल स्टार्क की गेंद पर बोल्ड हो गए.
खराब फॉर्म में चल रहे पृथ्वी शॉ शून्य पर बोल्ड हो गए. अभ्यास मैच की 4 पारियों में 62 रन बनाने वाले पृथ्वी शॉ को टेस्ट के लिए चुन गया, लेकिन वह पिंक बॉल के स्टार मिशेल स्टार्क की दूसरी ही गेंद पर बोल्ड हो गए. 0 पर पहला विकेट गिरा.
इसके बाद पृथ्वी शॉ का सोशल मीडिया पर जमकर मजाक उड़ाया गया. विराट कोहली और टीम मैनेजमेंट के फैसले पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि उन्होंने खराब फॉर्म में चल रहे पृथ्वी शॉ को पिंक बॉल टेस्ट में उतारा.
With the second ball of the Test! #OhWhatAFeeling@Toyota_Aus | #AUSvIND pic.twitter.com/4VA6RqpZWt
— cricket.com.au (@cricketcomau) December 17, 2020
पृथ्वी खराब फॉर्म में चल रहे हैं और उनकी तकनीक पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन कप्तान विराट कोहली ने मैच से पहले संवाददाता सम्मेलन में स्पष्ट किया कि शुभमन गिल और केएल राहुल अभी उनकी रणनीति का हिस्सा नहीं हैं.
भारतीय टीम की बात की जाए तो पृथ्वी शॉ की बल्लेबाजी की तुलना में शुभमन गिल का संयम और पारी का आगाज करने की तकनीक ने ध्यान आकर्षित किया. केएल राहुल भी मौजूद थे, जो अपने कप्तान के सामने पसीना बहा रहे थे.
राहुल सलामी बल्लेबाज और मध्यक्रम बल्लेबाज के तौर पर कई विकल्प देते हैं. उन्हें 36 टेस्ट मैचों का अनुभव है.