भारतीय टीम ने चेन्नई में पहले टेस्ट मैच में मिली हार का बदला ले लिया है. चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेले गए टेस्ट सीरीज के दूसरे मैच में उसने इंग्लैंड को 317 रनों से हरा दिया है. इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली है. भारतीय टीम की शानदार जीत के हीरो आर अश्विन रहे. उन्होंने मैच में कुल 8 विकेट लिए और शतक जड़ा. लेकिन इस जीत में रोहित शर्मा, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, ऋषभ पंत और अक्षर पटेल का भी अहम योगदान रहा.
आर अश्विन: भारतीय टीम के इस स्टार ऑफ स्पिनर के लिए चेन्नई टेस्ट ड्रीम टेस्ट मैच रहा. उन्होंने पहली पारी में इंग्लैंड के 5 विकेट चटकाए. अश्विन की शानदार गेंदबाजी की बदौलत ही भारत इंग्लैड को सस्ते में आउट कर पाया और 195 रनों की लीड लिया. इसके बाद अश्विन ने भारत की दूसरी पारी में बल्ले से अपना दम दिखाया. उन्होंने शानदार 106 रन बनाए. अश्विन जब बैटिंग करने आए थे तब भारत मुश्किल स्थिति में था. 106 रनों पर उसके 6 विकेट गिर चुके थे. इसके बाद अश्विन ने विराट कोहली के साथ मोर्चा संभाला और 96 रनों की साझेदारी की.
कोहली के आउट होने के बाद भी अश्विन नहीं रुके. उन्होंने दसवें विकेट के लिए मोहम्मद सिराज के साथ 49 रनों की साझेदारी की. अश्विन के शतक की बदौलत ही भारत इंग्लैंड को 482 रनों का विशाल लक्ष्य दे पाया. बल्ले से रन बरसाने के बाद अश्विन ने इंग्लैंड की दूसरी पारी में भी अपना जलवा दिखाया. उन्होंने तीन विकेट लिए. इस स्टार स्पिनर ने मैच में कुल 8 विकेट झटके और 106 रन बनाए. अश्विन ने चेन्नई टेस्ट में कई रिकॉर्ड भी अपने नाम किए. भारत में सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने के मामले में वो दूसरे नंबर आ गए हैं. उन्होंने हरभजन सिंह को पछाड़ दिया. अश्विन से आगे दिग्गज अनिल कुंबले हैं. इसके अलावा अश्विन ने तीसरी बार पारी में 5 विकेट और शतक जड़ा. उन्होंने गैरी सोबर्स(वेस्टइंडीज), मुश्ताक मोहम्मद (पाकिस्तान),जैक कैलिस (साउथ अफ्रीका) और शाकिब अल हसन को पीछे छोड़ा. अश्विन से आगे सिर्फ इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर इयान बॉथम हैं, जिन्होंने पांच बार यह उपलब्धि हासिल की थी.
अक्षर पटेल: अक्षर पटेल ने अपने पहले ही टेस्ट मैच में कमाल का प्रदर्शन किया. शाहबाज नदीम की जगह टीम में शामिल किए गए अक्षर पटेल ने अपने चयन को सही साबित किया. उन्होंने इंग्लैंड की पहली पारी में 2 विकेट झटके और दूसरी पारी में 5. पहली पारी में अश्विन जहां इंग्लैंड के बल्लेबाजों को विकेट पर टिकने नहीं दे रहे थे तो वहीं अक्षर पटेल दूसरे छोर से दबाव बनाए हुए थे. पहली पारी में शानदार गेंदबाजी से अक्षर का आत्मविश्वास बढ़ा और दूसरी पारी में उन्होंने पांच विकेट झटके.
रोहित शर्मा: भारतीय टीम के इस धाकड़ ओपनर ने चेन्नई में शतक जड़कर फॉर्म में वापसी की. उन्होंने शानदार 161 रन बनाए. पहली पारी में उनकी बल्लेबाजी के दम पर ही भारत चेन्नई की मुश्किल पिच पर 329 जैसा मजबूत स्कोर बना पाया. भारत की जीत की नींव रोहित शर्मा ने ही रखी.
ऋषभ पंत: भारतीय टीम के इस युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ने पहली पारी में नाबाद 58 रन बनाए. टीम को 329 रनों तक पहुंचाने में पंत का ये स्कोर अहम रहा. पंत ने इसके बाद शानदार विकेटकीपिंग की. उन्होंने इंग्लैंड की पहली पारी में दो शानदार कैच लपके और दूसरी पारी में स्टंपिंग भी की. पंत की कीपिंग पर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन चेन्नई टेस्ट में उन्होंने अपने प्रदर्शन से आलोचकों का मुंह बंद कर दिया.
अजिंक्य रहाणे: भारतीय टीम के उपकप्तान को एक अच्छी पारी की जरूरत थी. उनके फॉर्म पर सवाल उठते आए हैं. मेलबर्न टेस्ट मैच में शतक के बाद उनका बल्ला खामोश रहा. उन्होंने रनों के सूखे को चेन्नई में खत्म किया. पहली पारी में उन्होंने रोहित शर्मा के साथ शतकीय साझेदारी की. स्पिनरों के लिए मददगार चेन्नई की पिच पर रहाणे ने 67 रन बनाए. रोहित और रहाणे की साझेदारी के दम पर ही भारत 329 रनों तक पहुंच पाया.
विराट कोहली: बतौर कप्तान विराट कोहली के लिए चेन्नई टेस्ट शानदार रहा. पहले टेस्ट मैच में हार के बाद उनपर दबाव था, लेकिन कोहली पर इसका असर नहीं दिखा. टॉस से लेकर टीम के चयन तक उनके पक्ष में रहा. पहली पारी में शून्य पर आउट होने वाले विराट कोहली ने दूसरी पारी में 62 रन बनाए. ये 62 रन उस पिच पर बने जो बल्लेबाजों के लिए कब्रगाह थी. मोईन अली और जैक लीच के सामने टिकना मुश्किल हो रहा था. भारतीय टीम का टॉप ऑर्डर फेल हो चुका था. कोहली ने कमान अपने हाथों में ली और शानदार अर्धशतक जड़ा. ये उनके करियर का 25वां अर्धशतक था.