एमएसके प्रसाद 2016 से 2020 तक भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता रहे. उनके कार्यकाल में टीम इंडिया ने 2017 में चैम्पियंस ट्रॉफी और 2019 का वर्ल्ड कप खेला. प्रसाद के कार्यकाल के दौरान कुछ ऐसे फैसले लिये गए, जो विवादों में रहे. वर्ल्ड कप के लिए अंबति रायडू की जगह विजय शंकर को चुनना भी इसी में से एक था. एमएसके प्रसाद ने चयनकर्ता के रूप में अपने कार्यकाल के बारे में विस्तार से बात की और कुछ खुलासे भी किए.
Cricket.com से बातचीत में प्रसाद ने कहा कि कई बार मीटिंग में कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री से बहस हुई थी. मीटिंग के बाद हम एक-दूसरे को देखना भी नहीं चाहते थे. हालांकि अगले दिन सब सामान्य हो जाता था.
प्रसाद ने कहा, ‘कभी कभार मीटिंग के बाद हम एक-दूसरे को देखना भी नहीं चाहते थे. लेकिन अगली सुबह मिलने पर इस बात का सम्मान करते थे कि जो भी बात हमने कही उसका मतलब था.' एमएसके प्रसाद ने आगे कहा कि मैं मैनेजमेंट का छात्र हूं और जानता हूं कि लोगों को कैसे मैनेज किया जाता है.
पूर्व विकेटकीपर एमएसके प्रसाद ने कहा कि लोग चाहते हैं कि मैं सार्वजनिक रूप से किसी को दोष दूं? मैं ऐसा क्यों करूं क्योंकि यह मेरा परिवार है. मेरे परिवार में भी घर पर हो सकता है कि मुझे कोई फैसला पसंद हो या नहीं, लेकिन क्या मैं बाहर आकर सार्वजनिक रूप से कुछ कहूं? (Photo- AFP)
उन्होंने कहा कि विराट कोहली और रवि शास्त्री आपको बताएंगे कि कैसे हमारी मीटिंगों के दौरान तीखी बहस हुआ करती थी. सार्वजनिक रूप से हमारे मतभेद नहीं थे, इसका मतलब यह नहीं कि हम उनके सामने झुक रहे थे. कौन जानता है कि कितने सारे मुद्दों पर हमने उन्हें मनाया है.