युवराज सिंह ने कहा कि यह उनके लिए काफी भावनात्मक पल है और उनका करियर एक रोलर-कोस्टर की तरह रहा है. बता दें कि 2011 वर्ल्ड कप के दौरान युवराज कैंसर की गिरफ्त में आए, लेकिन उन्होंने अपनी बीमारी को छुपा कर वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया और अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से भारत को वर्ल्ड चैम्पियन बनाया.