हाल ही में विराट कोहली को भारतीय वनडे टीम की कप्तानी से हटाकर रोहित शर्मा को कमान सौंप दी गई है. इस मामले में दिग्गज खिलाड़ी दो गुट में बंट गए हैं. कुछ ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के इस फैसले की तारीफ की, तो कुछ ने आलोचना. इसी कड़ी में अब 1983 के वर्ल्ड कप विजेता खिलाड़ी मदन लाल का नाम भी जुड़ गया है.
पूर्व मुख्य कोच मदन लाल ने मिड-डे से कहा कि मैं नहीं जानता कि इसको लेकर सेलेक्टर्स की क्या सोच रही होगी, लेकिन मैं मानता हूं कि जब कोहली वनडे में अच्छे रिजल्ट दे रहे थे, तो फिर यह बदलाव करने की जरूरत क्यों पड़ी?
टीम को खत्म करना आसान, बनाना मुश्किल
मदन लाल ने कहा कि मैं यह समझता हूं कि सीमित ओवर्स के फॉर्मेट में बहुत ज्यादा क्रिकेट होने के चलते कोहली ने टी20 की कप्तानी से इस्तीफा दिया होगा. लेकिन, वनडे में अच्छे प्रदर्शन के बावजूद हटाना सही नहीं रहा. मुझे लगता है कि कोहली को 2023 वर्ल्ड कप तक कप्तान रहना चाहिए था. एक टीम को बनाना बहुत मुश्किल काम होता है, जबकि उसे खत्म करना बेहद आसान.
गांगुली के बयान से इत्तेफाक नहीं रखते मदनलाल
हाल ही में बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा था कि वे दो फॉर्मेट (सीमित ओवर्स और टेस्ट) में दो कप्तान रखना नहीं चाहते थे, क्योंकि इससे काफी कन्फ्यूजन की स्थिति हो जाती है. गांगुली ने कहा कि वे सभी फॉर्मेट में विराट कोहली को ही कप्तान बने रहना चाहते थे. टी20 में कप्तानी छोड़ने के बाद कोहली को मनाया भी गया था, लेकिन वे नहीं माने.
गांगुली के इस बयान पर मदनलाल ने कहा कि मैं नहीं मानता कि दोनों फॉर्मेट में अलग कप्तान होने से कन्फ्यूजन की स्थिति होती है. हर कप्तान का एक अलग स्टाइल होता है. ऐसे में कन्फ्यूजन कैसा. विराट और रोहित की कप्तानी का अलग अंदाज है, जबकि महेंद्र सिंह धोनी अपने एक अलग ही अंदाज में लीड करते थे.