Rohit to return to opener's role...: बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) के पहले टेस्ट में नहीं खेलने वाले रोहित शर्मा गुलाबी गेंद के दूसरे टेस्ट में छठे नंबर पर उतरे. ऐसा इसलिए क्योंकि उनकी गैरमौजूदगी में केएल राहुल ने सीरीज के पहले मैच में शीर्ष क्रम में अच्छा प्रदर्शन किया था. छठे नंबर पर भारतीय कप्तान ‘बहुत नरम’ दिखे और उन्होंने यहां भारत की 10 विकेट की हार के दौरान 3 और 6 रनों की पारियां खेलीं.
पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर और रवि शास्त्री चाहते हैं कि कप्तान रोहित शर्मा फिर से पारी की शुरुआत करें, ताकि वह आक्रामक और प्रभावशाली बन सकें. एडिलेड टेस्ट से पहले रोहित ने कहा कि वह उस संयोजन के साथ छेड़छाड़ नहीं करना चाहते, जिसने टीम को सीरीज के पहले मैच में सफलता दिलाई थी. भारत ने पहला टेस्ट पर्थ में 295 रनों से जीता था. उन्होंने केनबरा में अभ्यास मैच में मध्य क्रम में बल्लेबाजी भी की.
हालांकि रोहित ने स्वीकार किया कि व्यक्तिगत रूप से उनके लिए यह आसान निर्णय नहीं था. 2018 के बाद पहली बार मध्य क्रम में बल्लेबाजी करने वाले रोहित ने कहा, ‘व्यक्तिगत रूप से यह आसान नहीं था. लेकिन टीम के लिए, हां, यह बहुत मायने रखता है.’
राहुल ने पहले टेस्ट की दूसरी पारी में साथी सलामी बल्लेबाज और शतकवीर यशस्वी जायसवाल के साथ 201 रनों की साझेदारी की. उन्होंने टेस्ट में 26 और 77 रन बनाए. वह हालांकि दूसरे मैच में अपनी फॉर्म को दोहराने में विफल रहे.
गावस्कर बोले- रोहित अब पारी का आगाज करें
राहुल के अवसर का लाभ उठाने में विफल होने के बाद पूर्व भारतीय कप्तान गावस्कर ने रोहित को उनके सलामी बल्लेबाज के स्थान पर आने को कहा. गावस्कर ने ‘स्पोर्ट्स तक’ पर कहा, ‘उन्हें अपने नियमित स्थान पर लौटना चाहिए. हमें याद रखना चाहिए कि राहुल ने पारी का आगाज क्यों किया था. उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि रोहित शर्मा पहले टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं थे.’
उन्होंने कहा, ‘मैं समझ सकता हूं कि दूसरे टेस्ट में उन्हें सलामी बल्लेबाज के रूप में क्यों रखा गया, उन्होंने जायसवाल के साथ 200 से अधिक रनों की साझेदारी की. लेकिन अब जब वह इस टेस्ट में रन नहीं बना पाए तो मुझे लगता है कि राहुल को नंबर पांच या नंबर छह पर वापस जाना चाहिए और रोहित शर्मा को पारी का आगाज करना चाहिए.अगर रोहित शुरुआत में तेजी से रन बनाते हैं तो वह बाद में बड़ा शतक भी बना सकते हैं.’
'रोहित टॉप ऑर्डर में ही आक्रामक हो सकते हैं'
शास्त्री ने ‘स्टार स्पोर्ट्स’ से कहा, ‘यही कारण है कि मैं उन्हें शीर्ष पर देखना चाहता हूं. यहीं पर वह आक्रामक हो सकते हैं. बस उनकी बॉडी लैंग्वेज देखकर लगा कि वह थोड़े ज्यादा शांत थे.’ पूर्व भारतीय कोच ने कहा, ‘तथ्य यह है कि उन्होंने रन नहीं बनाए. मुझे नहीं लगता कि मैदान पर वह ज्यादा सक्रिय थे. मैं बस उन्हें मैच में अधिक जुड़ा हुआ और अधिक उत्साहित देखना चाहता था.’