मुंबई में आयोजित BCCI के 'नमन अवॉर्ड्स' समारोह में सचिन तेंदुलकर को कर्नल सीके नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. इस खास मौके पर रविचंद्रन अश्विन को भी स्पेशल अवॉर्ड से नवाजा गया.
सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटरों की श्रेणी में जसप्रीत बुमराह और स्मृति मंधाना को बेस्ट क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना गया. वहीं, सरफराज खान को बेस्ट मेंस डेब्यू और आशा शोभना को बेस्ट वुमेंस डेब्यू का अवॉर्ड मिला. वुमेंस क्रिकेट में स्मृति मंधाना को बेस्ट बैटर और दीप्ति शर्मा को बेस्ट बॉलर के खिताब से नवाजा गया. शशांक सिंह को बेस्ट व्हाइट बॉल ऑलराउंडर और तनुष कोटियान को बेस्ट रेड बॉल ऑलराउंडर के खिताब से नवाजा गया.
इस दौरान सचिन ने कहा कि मैं BCCI का तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूं, उन्होंने हमेशा मेरा समर्थन किया है. इस प्रतिष्ठित सूची में अपना नाम पाकर मैं सच में गर्व महसूस कर रहा हूं, उन्होंने मज़ाकिया अंदाज में कहा कि अश्विन ने मुझे 'मिस्टर तेंदुलकर' कहकर संबोधित किया. शुक्रिया अश्विन, मुझे मेरी उम्र का एहसास दिलाने के लिए.
तेंदुलकर ने याद किए पुराने दिन
इस दौरान 1989 में टीम इंडिया के साथ अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए सचिन तेंदुलकर ने बताया कि वह कई बार टीम की बस पकड़ने के लिए लेट हो जाते थे, तब कपिल देव ने उनसे पूछा करते थे कि क्या ये सही समय है या फिर तुम लेट हो? सचिन ने कहा कि मैं तब से अपनी घड़ी हमेशा 7-8 मिनट आगे रखनी शुरू कर दी. इस दौरान सचिन ने हंसते हुए कहा कि जब मैं पाकिस्तान गया तो वहां बहुत कुछ सीखा (हंसते हुए). फिर जब ऑस्ट्रेलिया गया तो भाषा बदली थी, लेकिन इंटेंसिटी वही थी.
1998 के ऑस्ट्रेलिया दौरे का जिक्र
1998 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मीडिया ने इसे "तेंदुलकर बनाम वॉर्न" करार दिया था. इस पर सचिन ने कहा कि मुझे मीडिया को याद दिलाना पड़ा कि यह 'इंडिया बनाम ऑस्ट्रेलिया' था, लेकिन इस तरह की प्रतिद्वंद्विता ने हमेशा खेल को बेहतर बनाया है.
पिता का निधन और बैट सेलेब्रेशन
1999 वर्ल्ड कप के दौरान पिता के निधन की घटना को याद करते हुए सचिन ने कहा कि मैं भारत लौटा, अंतिम संस्कार में शामिल हुआ और फिर वापस वर्ल्ड कप खेलने चला गया. इसके बाद मेरी ज़िंदगी रातोंरात बदल गई. तभी से मैंने बैट सेलेब्रेशन करना शुरू किया, क्योंकि जो भी अच्छा हुआ, मैं चाहता था कि मेरे पिता उसका हिस्सा बनें.
बैट स्पॉन्सरशिप से इनकार
सचिन तेंदुलकर ने बताया कि उन्होंने 90 के दशक में शराब और तंबाकू ब्रांड्स को प्रमोट करने से इनकार कर दिया था. क्योंकि हमने घर पर तय किया था कि हम अपने मूल्यों से समझौता नहीं करेंगे. इस दौरान उन्होंने अपनी पीठ की गंभीर चोट को याद करते हुए कहा कि मुझे लगभग ऑस्ट्रेलिया में बैक सर्जरी करानी पड़ी थी, लेकिन डॉक्टर ने आखिरी वक्त पर मना कर दिया. मैं फॉर्मूला वन कार की तरह था, जिसके चारों तरफ एक बड़ा सपोर्ट स्टाफ था. उन्होंने कहा कि मेरे घर में डॉक्टर होने से मुझे सही गाइडेंस मिला. ये सिर्फ एक 'बेंड' (झुकाव) है, 'एंड' (अंत) नहीं.
सचिन ने रिटायरमेंट को ऐसे किया याद
अपनी विदाई को याद करते हुए सचिन ने कहा कि उस आखिरी दिन मैं निशब्द था. जब टीम मेरे लिए कुछ प्लान कर रही थी, तब धोनी ने मुझसे कहा कि 'पाजी, दूर जाओ', हम कुछ प्लान कर रहे हैं. फिर उन्होंने मुझे गार्ड ऑफ ऑनर दिया. उस समय मुझे अहसास हुआ कि अब मैं कभी 'करंट इंडियन प्लेयर' नहीं रहूंगा. उन्होंने कहा कि मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला, जो हर किसी को नहीं मिलता.
अश्विन को मिला स्पेशल अवॉर्ड
रविचंद्रन अश्विन को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके योगदान के लिए स्पेशल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. इस दौरान अश्विन ने कहा कि मेरा सपना सचिन तेंदुलकर के साथ बैठना और उनके साथ खेलना था, जो पूरा हो गया. उन्होंने कहा कि मेरी उंगलियां अब नहीं फड़क रही हैं, लेकिन मैं अभी भी खेल को बहुत करीब से देख रहा हूं.
बुमराह को मिला पॉली उमरीगर अवॉर्ड
जसप्रीत बुमराह को मेंस कैटेगरी में सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के लिए 'पॉली उमरीगर अवॉर्ड' से नवाजा गया. शानदार प्रदर्शन करने वाले बुमराह को इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाज़ा गया.
महिला क्रिकेट की स्टार प्लेयर्स
ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा को वुमेंस क्रिकेट में बेस्ट वनडे बॉलर के खिताब से नवाजा गया. वहीं, स्मृति मंधाना को स्मृति मंधाना को बेस्ट वनडे बैटर का अवॉर्ड दिया गया. उधर, आशा शोभना को वनडे क्रिकेट में शानदार डेब्यू के लिए बेस्ट वुमेंस डेब्यू अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. उन्होंने अपने डेब्यू मैच में 4/21 का प्रदर्शन किया था.