लोढ़ा कमेटी की सिफारिशें न मानने के कारण सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के को उनके पद से हटा दिया. ऐसे में हर किसी कि नजरें इस बात पर टिकी हैं कि, बीसीसीआई का मूल ढांचा कैसा होगा और वो कौन से अधिकारी और क्रिकेटर होंगे जो आने वाले दिनों में बीसीसीआई को चलाएंगे. इस पर माथा-पच्ची शुरू हो गई है.
कौन चलाएगा बीसीसीआई ?
सुप्रीम कोर्ट ने गोपाल सुब्रमण्यम और वरिष्ठ वकील अनिल दीवान को ऑबजर्वर नियुक्त किया है. जो लोढ़ा कमेटी के साथ मिलकर बीसीसीआई के अधिकारियों का चयन करेंगे. इसमें पूर्व क्रिकेटरों के साथ-साथ कुछ ब्यूरोक्रेट्स को शामिल किये जाने की संभावना है. 25 पन्नों के ऑर्डर में ये साफ लिखा गया है कि जज ऑबजर्वर की भूमिका में ही रहेंगे. शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 जनवरी की तारीख निर्धारित की है. इसी दिन बीसीसीआई के अंतरिम बोर्ड की घोषणा होगी. न्यायालय ने कहा कि वह उसी दिन प्रशासक की नियुक्ति का आदेश भी जारी करेगा.
क्या होगा अगला कदम?
अनुराग ठाकुर और अजय शिर्के को हटाए जाने के बाद कोर्ट का अगला कदम क्या होगा. क्या बीसीसीआई के सभी पुराने अधिकारियों को हटा दिया जाएगा. क्योंकि पुराने अधिकारियों को इस बात का खतरा होगा जो ठाकुर और शिर्के के साथ हुआ वो उनके साथ भी हो सकता है. कोर्ट के इस ऑर्डर का असर स्टेट क्रिकेट एसोशियन पर पड़ना शुरू हो गया है. ऐसे में बीसीसीआई का आने वाले दिनों में क्या स्वरूप होगा ये देखना बेहद दिलचस्प रहेगा.
स्टेट एसोसिएशन को करनी होंगी सिफारिशें लागू
आने वाले दिनों देश की हर स्टेट एसोसिएशन को लोढ़ा कमेटी की सभी सिफारिशें लागू करनी होंगीं. बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष सौरव गांगुली भी जल्द से जल्द लोढ़ा सिफारिशें लागू करना होगा. सौरव गांगुली और कर्नाटक क्रिकेट एसोशिएसन के अध्यक्ष ब्रिजेश पटेल का नाम बीसीसीआई के सुपर बॉस बनने की रेस में सबसे आगे चल रहा हैं.
बीसीसीआई को मजबूती के साथ आगे बढ़ना होगा
इस बात में कोई दो राय नहीं है कि बीसीसीआई के लिए ये बेहद ही खराब समय है. बोर्ड पूरी तरह से बिखर चुका है. लेकिन इसके साथ ही बोर्ड के पास मौका है अपने अंदर सुधार करने का. भारतीय क्रिकेट की कमान विराट कोहली और आर अश्विन जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के मजबूत हाथों में है. इसके अलावा ये महत्वपूर्ण है कि जौहरी, शेट्टी और श्रीधर में पेशेवर लोग मैदान के बाहर की विरासत को अपने हाथ में ले और एक नई बीसीसीआई की स्थापना करें.
खेल मंत्रायल को ध्यान देने की जरूरत
खेल मंत्रालय को इससे सबक लेने की जरूरत है. खेल मंत्री विजय गोयल और खेल सचिव इंजेटी श्रीवासन को दूसरे खेलों को साफ करने के लिए अहम कदम उठाने की जरूरत है.