सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर मंगलवार से शुरू हुए बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के आखिरी टेस्ट मैच के पहले दिन ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और बल्लेबाजी के दौरान उनकी आंखें छलक उठीं. 101 रन बनाकर आउट हुए वार्नर जैसे ही 63 के स्कोर पर पहुंचे अपने साथी खिलाड़ी फिलिप ह्यूज को श्रद्धांजलि दी.
सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) पर ही 25 नवंबर को टेस्ट बल्लेबाज ह्यूज को शेफील्ड शील्ड मुकाबले के दौरान शेन एबॉट की बाउंसर गेंद पर चोट लगी थी. ह्यूज को अस्पताल ले जाया गया था, जहां उनका ऑपरेशन किया गया. लेकिन दो दिनों बाद उनकी मौत हो गई. जिस वक्त ह्यूज को चोट लगी थी, वह 63 के निजी स्कोर पर खेल रहे थे. यह स्कोर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के लिए काफी भावनात्मक अंक के रूप में बदल चुका है.
क्रिकेट आस्ट्रेलिया ने रिकॉर्ड बुक में ह्यूज को 63 नॉटआउट दिखाया है, जो यह दर्शाता है कि ऑस्ट्रेलिया में खिलाड़ियों का कितना सम्मान है. साथ ही सीए ने 63 नॉटआउट को ट्रेडमार्क के रूप में भी पंजीकृत करा लिया है ताकि इसका गलत इस्तेमाल ना हो सके.
वार्नर और ह्यूज काफी अच्छे दोस्त थे. वार्नर ने एससीजी पर 63 के कुल योग पर पहुंचने के साथ ही दोनों हाथ उठाकर अपने साथी को याद किया और फिर झुककर उस जगह को चूमा, जहां ह्यूज चोट खाकर गिरे थे, वार्नर इस दौरान अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके.
वार्नर की आंखों में आंसू थे और दर्शकों ने वार्नर के इस अवतार का स्वागत किया और तालियों की गड़गड़ाहट के साथ वार्नर के जरिए ह्यूज को श्रद्धांजलि दी. वार्नर बल्लेबाजी से पहले अपने आंसू पोछते नजर आए.
इनपुट IANS से