पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के रिटायरमेंट पर प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक कर देने वाली चिट्ठी लिखी है. धोनी को लिखी चिट्ठी में प्रधानमंत्री ने उनके भारतीय क्रिकेट में योगदान को याद करते हुए उन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताया है. प्रधानमंत्री ने धोनी को न्यू इंडिया का एक ऐसा उदाहरण करार दिया है, जहां परिवार किसी युवा का भाग्य तय नहीं करता, बल्कि युवा खुद अपना भाग्य बनाता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास के फैसले पर कहा, 'इससे 130 करोड़ भारतीय निराश हुए, लेकिन वे पिछले डेढ़ दशक में भारतीय क्रिकेट को दिए गए योगदान को लेकर आपके आभारी हैं. एक तरफ आपके क्रिकेट करियर के आंकड़ों के जरिए देखें तो आप भारत को वर्ल्ड चार्ट में टॉप पर ले जाने वाले सबसे सफल कप्तानों में से एक हैं.'
'मुश्किल घड़ी में भी डटे रहना आपका स्टाइल'
प्रधानमंत्री ने आगे लिखा, 'इतिहास में आपका नाम महानतम क्रिकेट कप्तानों और शानदार विकेटकीपर के रूप में दर्ज होगा. मुश्किल घड़ी में भी डटे रहने और मैच खत्म करने का आपका स्टाइल, खासकर 2011 के वर्ल्ड कप फाइनल को आने वाली पीढ़ियां हमेशा याद रखेंगी. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि महेंद्र सिंह धोनी का नाम सिर्फ करियर के आंकड़ों और क्रिकेट जिताने वाली भूमिकाओं के लिए ही नहीं याद रखा जाएगा... उन्हें सिर्फ एक खिलाड़ी के तौर पर देखना अन्याय होगा.
An Artist,Soldier and Sportsperson what they crave for is appreciation, that their hard work and sacrifice is getting noticed and appreciated by everyone.thanks PM @narendramodi for your appreciation and good wishes. pic.twitter.com/T0naCT7mO7
— Mahendra Singh Dhoni (@msdhoni) August 20, 2020
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय क्षितिज पर महेंद्र सिंह धोनी के छा जाने का भी जिक्र किया है. प्रधानमंत्री ने कहा, 'एक छोटे टाउन से निकलकर राष्ट्रीय क्षितिज पर छाकर खुद को और भारत को गर्व का बोध कराया. आपके उभार और उसके बाद का आचरण उन करोड़ों युवाओं को प्रेरित करता है जो किसी सुविधाजनक स्कूल-कॉलेज या बड़े परिवार से नाता नहीं रखते, लेकिन उनमें ऊंचाइयों पर पहुंचने का टैलेंट है. आप एक महत्वपूर्ण उदाहरण हैं न्यू इंडिया की भावना का, जहां परिवार का नाम युवाओं का भाग्य तय नहीं करता, बल्कि खुद युवा अपनी पहचान बनाते हैं और अपना भाग्य तय करते हैं.'
सशस्त्र सेनाओं से जुड़ाव की भी सराहना की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महेंद्र सिंह धोनी को लिखे पत्र में कहा है, 'जहां से हम आते हैं, तब तक कोई फर्क नहीं पड़ता, जब तक हम जानते हैं कि हम कहां हैं- यह वह भावना है जिसने युवाओं को प्रेरित किया है.' प्रधानमंत्री मोदी ने 2007 के टी-20 वर्ल्ड कप का उदाहरण देते हुए महेंद्र सिंह धोनी के खतरा उठाने की शैली का भी जिक्र करते हुए उनके सशस्त्र सेनाओं के साथ जुड़ाव की भी सराहना की.
धोनी फैमिली...
प्रधानमंत्री मोदी ने धोनी की सफलता में पत्नी साक्षी और बेटी जीवा का भी जिक्र किया है. उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि साक्षी और जीवा को आपके साथ और ज्यादा समय बिताने का मौका मिलेगा, क्योंकि उनके त्याग के बगैर ये उपलब्धियां संभव नहीं थीं. प्रधानमंत्री ने महेंद्र सिंह धोनी को प्रोफेशनल और पर्सनल प्राथमिकताओं के बीच संतुलन की प्रेरणा देने वाला बताया.
उल्लेखनीय है कि भारत को 2007 में टी-20 विश्व कप, 2011 में आईसीसी वनडे विश्व कप और 2013 में चैम्पियंस ट्रॉफी जिताने वाले धोनी ने 15 अगस्त को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी. धोनी ने संन्यास की घोषणा के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया. धोनी अब चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के कप्तान के तौर पर आईपीएल में खेलते रहेंगे.