पाकिस्तान के कप्तान अजहर अली ने कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान जब वह रन बनाने के लिए जूझ रहे थे, तो उन्हें दबाव महसूस हो रहा था. लेकिन कप्तानी छोड़ने का विचार कभी उनके दिमाग में नहीं आया. पाकिस्तान ने तीन मैचों की सीरीज 0-1 से गंवाई. इंग्लैंड ने पहला टेस्ट जीता, लेकिन दूसरा और तीसरा मैच बारिश से प्रभावित रहे और ड्रॉ समाप्त हुए.
अजहर को पहले दो मैचों में रन नहीं बनाने के कारण आलोचना झेलनी पड़ी थी, लेकिन तीसरे टैस्ट मैच की पहली पारी में उन्होंने शतक लगाया. अजहर ने जब पूछा गया कि क्या सीरीज के दौरान वह कप्तानी छोड़ना चाहते थे, उन्होंने कहा, ‘नहीं, मेरा पूरा ध्यान सीरीज पर था. मेरे दिमाग में कभी यह बात नहीं आई. हां, दबाव था लेकिन मैंने अपने प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित किया.’
उन्होंने कहा, ‘पहला टेस्ट गंवाने के बाद कप्तान होने के कारण दबाव और आलोचना मुझे ही झेलनी थी, लेकिन मैंने अपने प्रदर्शन से इसे प्रशंसा में बदलने की कसम खाई. इसके अलावा हमारे टीम प्रबंधन में अनुभवी लोगों के होने से भी हमें उस हार से उबरने में मदद मिली.’
Our greatest ever bowler, @jimmy9.
— England Cricket (@englandcricket) August 25, 2020
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इंग्लैंड ने 2010 के बाद पाकिस्तान के खिलाफ अपनी पहली टेस्ट सीरीज जीती. अजहर ने कहा, ‘हम निराश हैं कि सीरीज नहीं जीत पाए. हम यहां सीरीज जीतने के लिए आए थे. हमें मौके मिले, लेकिन हम उनका फायदा नहीं उठा पाए. इंग्लैंड को श्रेय जाता है. उसने अवसरों का फायदा उठाया.’
इंग्लैंड ने पहले टेस्ट मैच में 277 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पांच विकेट 117 रन पर गंवा दिए थे, लेकिन इसके बाद जोस बटलर और क्रिस वोक्स ने टीम को अप्रत्याशित जीत दिलाई थी.