एशेज में बुरे प्रदर्शन से जूझ रही इंग्लैंड ने एक बार फिर से इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने अपने स्टार खिलाड़ियों की इंडियन प्रीमियर लीग में भागीदारी को सीमित करने का मन बना लिया है. ऑस्ट्रेलिया में खेली जा रही एशेज सीरीज में इंग्लैंड की टीम अब तक 4 टेस्ट मुकाबलों में से 3 में बड़ी हार का सामना कर चुकी है, वहीं सिडनी में खेले गए चौथा टेस्ट वह मुश्किल से ड्रॉ करवा पाई.
क्या होगा ECB का रोडमैप?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बोर्ड के मैनेजिंग डायरेक्टर और पूर्व क्रिकेटर एश्ले जाइल्स (Ashley Giles) ने इंग्लैंड की टेस्ट टीम को और बेहतर करने का एक रोडमैप प्रस्तुत करेंगे. इसमें से एक विकल्प इंग्लैंड के स्टार खिलाड़ियों की इंडियन प्रीमियर लीग में भागीदारी को लेकर कटौती का भी प्रस्ताव रखा जाएगा. साथ ही इस साल जून में इंग्लैंड को न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज भी खेलनी है, ECB अपने खिलाड़ियों को IPL से जल्द वापसी का प्लान भी सामने रखेगा, जिससे खिलाड़ी इस सीरीज के लिए पूरी तरह से तैयार हो पाए.
हर बार उठते हैं IPL पर सवाल
इंग्लैंड की मौजूद एशेज सीरीज के सदस्यों में बेन स्टोक्स, जोस बटलर और जॉनी बेयरस्टो ही IPL में लगातार खेल रहे हैं. इनके अलावा मोईन अली भी चेन्नई के लिए लगातार IPL में खेलते हुए दिखे हैं. लगातार इंग्लैंड के पूर्व खिलाड़ी भी इंग्लैंड के बुरे प्रदर्शन को लेकर IPL को जिम्मेदार ठहराते नजर आते हैं. हालांकि खिलाड़ियों की संख्या और IPL में खेले गए मुकाबले कुछ और ही कहानी सामने रखेंगे. पूर्व कप्तान माइकल आथर्टन ने भी खिलाड़ियों के IPL में भाग लेने पर रोक की मांग की थी.
अगले IPL सीजन के लिए इंग्लैंड के खिलाड़ियों में राजस्थान रॉयल्स ने बटलर और चेन्नई सुपर किंग्स ने मोईन को रिटेन किया है. इन दोनों खिलाड़ियों के अलावा किसी और इंग्लिश खिलाड़ियों को रिटेन नहीं किया गया है. IPL का मेगा ऑक्शन फरवरी में होना है ऐसे में ECB के इस फैसले के बाद हो सकता है IPL टीमों की दिलचस्पी इंग्लैंड के खिलाड़ियों में कम हो जाए.