'Bazball' approach: टीम इंडिया के आक्रमण के सामने ‘बैजबॉल’ शैली पूरी तरह से नाकाम साबित हुई. पिछले डेढ़ साल में क्रिकेट जगत में बैजबॉल के चर्चे हैं और इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले 18 में से 13 टेस्ट जीते थे. लेकिन अब भारत में 'बैजबॉल' फुस्स हो गया. टीम इंडिया ने रविवार को राजकोट में तीसरे टेस्ट में इंग्लैंड को 434 रनों से हराकर टेस्ट क्रिकेट में रनों के लिहाज से अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की. भारतीय टीम के 557 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की टीम 122 रनों पर ढेर हो गई. मेजबान टीम 5 मैचों की सीरीज में 2-1 से आगे चल रही है. अंतिम दो टेस्ट रांची और धर्मशाला में खेले जाएंगे.
नासिर हुसैन और माइकल वॉन की खरी-खरी
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन और माइकल वॉन ने भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में ‘बैजबॉल’ (बेहद आक्रामक होकर खेलने की रणनीति) रवैये की आलोचना की है. इन पूर्व कप्तानों का कहना है कि मेहमान टीम को हमेशा आक्रामक होकर खेलने की रणनीति की जगह मैच की स्थिति के अनुसार खेलने की जरूरत है. इंग्लैंड के मुख्य कोच ब्रेंडन मैक्कुलम के उपनाम ‘बैज’ के आधार पर टीम के आक्रामक तेवरों को ‘बैजबॉल’ नाम दिया गया है.
... सबसे खराब हार
वॉन ने ‘टेलीग्राफ.सीओ.यूके’ पर अपने कॉलम में लिखा, ‘यह (बेन) स्टोक्स और ब्रेंडन मैक्कुलम के नेतृत्व में सबसे शर्मनाक हार थी और इसने उनकी रणनीति को उजागर किया. वे हर मौके पर आक्रामक नहीं हो सकते, उन्हें अपने लम्हों को चुनना होगा.’
हुसैन भी वॉन से सहमत दिखे. हुसैन ने ‘स्काई स्पोर्ट्स’ से कहा, ‘बैजबॉल आक्रामक होने के बारे में है, लेकिन यह दबाव झेलने के बारे में भी है.’
इसके विपरीत अब तक सीरीज में दो दोहरे शतक लगाने वाले भारत के यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल और डेब्यू करने वाले सरफराज खान ने राजकोट में परिपक्व पारियां खेलीं और अपने शॉट खेलने से पहले क्रीज पर समय बिताया.
वॉन ने कहा, ‘उन्हें यह देखने की जरूरत है कि तीसरे दिन जायसवाल और शुभमन गिल ने कैसा प्रदर्शन किया. उन्होंने 30 या 40 गेंदों तक दबाव झेला और फिर उन्होंने बाउंड्री लगाना शुरू कर दिया.’
'कोई नहीं कह सकता कि भारत की बल्लेबाजी उबाऊ थी'
उन्होंने कहा, ‘टेस्ट बल्लेबाजी यही है. भारत ने 228.5 ओवरों में 875 रन बनाए. कोई भी मुझे यह नहीं कह सकता कि भारत को यहां बल्लेबाजी करते देखना उबाऊ था.’
हैदराबाद में सीरीज का शुरुआती मैच जीतने के बाद से इंग्लैंड के लिए चीजें खराब होती गईं. मेहमान टीम के बल्लेबाजों ने खराब शॉट खेले, जिससे मेजबान टीम को फायदा मिला.
वॉन ने कहा, ‘निश्चित रूप से इतनी भारी हार बेन स्टोक्स और उनके खिलाड़ियों के लिए एक चेतावनी है.’ उन्होंने कहा, ‘इंग्लैंड का मानना है कि सब कुछ सकारात्मक है, लेकिन उन्हें बेहतर बल्लेबाजी कैसे करें इस पर बातचीत करने की जरूरत है.’
खराब फॉर्म से जूझ रहे बल्लेबाज जो रूट तीसरे टेस्ट में अपने आउट होने के तरीके को लेकर सुर्खियों में हैं. जसप्रीत बुमराह की गेंद पर रूट के रिवर्स स्कूप से दूसरी स्लिप में कैच देने के बाद इंग्लैंड की पहली पारी का पतन शुरू हुआ.
रूट का वो शॉट ? अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ...
वॉन ने कहा, ‘जिस तरह से उन्होंने (इंग्लैंड ने) इस हफ्ते खेला उसने भारत को जीत तोहफे में दे दी. जिस तरह से उन्होंने तीसरे दिन बल्लेबाजी की, खासकर जो रूट के शॉट पर मुझे अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ.’
हुसैन, वॉन और एक अन्य पूर्व कप्तान एलिस्टेयर कुक ने रूट के शॉट के समय पर सवाल उठाए क्योंकि इंग्लैंड 221 रन से पीछे था.
हुसैन ने कहा, ‘एक चीज जो रूट देखेंगे वह शॉट का समय है. (रविचंद्रन) अश्विन वहां नहीं थे, भारत के पास एक गेंदबाज कम था, (रवींद्र) जडेजा चोट के बाद खेल रहे थे, बुमराह लगातार तीसरा टेस्ट खेल रहे थे और ऐसी चर्चा है कि उन्हें आराम की जरूरत है.’
उन्होंने कहा, ‘बुमराह को उसके दूसरे या तीसरे स्पेल तक लेकर जाओ और फिर बाद में शॉट खेलो.’ रूट ने पिछले साल एशेज के दौरान इसी तरह का शॉट काफी सफलता के साथ खेला था.